रांची। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और राज्य सरकार की मंत्रियों की कमेटी के बीच शनिवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में हुई वार्ता खत्म हो गई। बैठक में छात्रों की विभिन्न मांगों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर विस्तार से चर्चा हुई।
वार्ता के बाद बाहर निकले मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि बैठक में NSUI, ACS और JCM समेत विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अन्य छात्रों और संगठनों से भी राय ली जाएगी, ताकि सभी पक्षों की बात सरकार तक पहुंच सके।
सरकार ने जारी किया फीडबैक ईमेल
मंत्री ने बताया कि सरकार ने छात्रों, स्टेकहोल्डर्स और अन्य संबंधित लोगों से सुझाव एवं फीडबैक लेने के लिए एक ईमेल आईडी जारी की है। सरकार की ओर से कहा गया है कि लोग इस माध्यम से JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों और अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचा सकते हैं।
छात्रों ने भी बैठक के बाद कहा कि उन्होंने अपनी सभी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रख दी हैं। उनकी बात सुनी गई और मांगों पर विस्तार से चर्चा का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया कि फिलहाल आंदोलन और अनशन जारी रहेगा।
‘बात सुनी गई, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं होगा’
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन अभी उनकी मांगों पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। छात्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सरकार के साथ और बैठकें हो सकती हैं।
छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, आमरण अनशन पर बैठे छात्रों का अनशन भी फिलहाल जारी रहेगा।
बैठक से पहले राजनीतिक झंडे को लेकर जताई गई थी आपत्ति
बैठक से पहले आंदोलनकारी छात्रों की ओर से स्पष्ट किया गया था कि वार्ता के दौरान किसी राजनीतिक दल के झंडे या पहचान चिह्न का इस्तेमाल नहीं किया जाए। छात्रों का कहना था कि आंदोलन पूरी तरह छात्र हितों से जुड़ा है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
हालांकि, बैठक स्थल के आसपास कांग्रेस का झंडा नजर आने और युवा कांग्रेस व NSUI नेताओं की मौजूदगी को लेकर सवाल उठे।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार की पहल का किया स्वागत
मौके पर मौजूद रांची महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष गौरव सिंह ने सरकार की पहल का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों से बातचीत की पहल के लिए धन्यवाद दिया।
गौरव सिंह ने कहा कि सरकार ने उन छात्र संगठनों और प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है, जिन्होंने लंबे समय से NEET, JPSC और JSSC से जुड़े मुद्दों को उठाया है।
विपक्षी दलों पर भी साधा निशाना
जब गौरव सिंह से पूछा गया कि JPSC और JSSC के मुद्दों को ABVP, BJYM और AJSU समेत अन्य संगठन भी लगातार उठाते रहे हैं, तो उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक संगठन को श्रेय दिलाने की नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान की है।
गौरव सिंह ने JPSC की पुरानी परीक्षाओं का जिक्र करते हुए विपक्षी नेताओं पर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि JPSC की शुरुआती परीक्षाओं के दौरान पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद सामने आए थे। हालांकि, इन दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
NEET विवाद का भी किया जिक्र
युवा कांग्रेस नेता ने NEET विवाद का भी उल्लेख किया और भाजपा व ABVP पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उनका दावा था कि NEET से जुड़े विवाद के दौरान छात्रों का आंदोलन लंबे समय तक चला, लेकिन उस समय भाजपा के नेता छात्रों के समर्थन में अपेक्षित रूप से नजर नहीं आए।
उन्होंने कहा कि मौजूदा छात्र आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल को इसका श्रेय दिलाना नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं का समाधान कराना है।
अगली बैठकों और सरकार के फैसले पर नजर
फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का पहला दौर पूरा हो चुका है। सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर विचार करने और आगे भी बैठक करने की बात कही गई है।
वहीं, छात्र प्रतिनिधियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन और अनशन जारी रहेगा। अब छात्रों और झारखंड के युवाओं की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और आने वाली बैठकों के नतीजे पर है।