बिहार सरकार ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर सक्रिय नजर आ रही है। इसी दिशा में समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया गया।
पहचान पत्र, रोजगार और आरक्षण पर हुई चर्चा
बैठक में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए पहचान पत्र (Transgender Identity Card) के निर्बाध निर्गमन को सुनिश्चित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा किन्नर कल्याण बोर्ड के लिए स्थायी कार्यालय की व्यवस्था, समाज कल्याण विभाग और बोर्ड के बीच बेहतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति, विभागीय वेबसाइट पर बोर्ड के सदस्यों का विवरण उपलब्ध कराने और बोर्ड सदस्यों के लिए उचित मानदेय तय करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।
जायज मांगों पर होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने ट्रांसजेंडर समुदाय को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन विषयों पर मुख्यमंत्री स्तर पर निर्णय लिया जाना है, उन्हें सरकार के समक्ष रखा जाएगा ताकि समुदाय के हित में प्रभावी फैसले लिए जा सकें।
अब हर तीन महीने पर होगी समीक्षा
मंत्री ने घोषणा की कि किन्नर कल्याण बोर्ड की समीक्षा बैठक अब प्रत्येक तीन महीने में आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े मुद्दों की नियमित समीक्षा करना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
कौशल विकास से बदली जिंदगी
बैठक के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय की एक सदस्य ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि बिहार कौशल विकास मिशन के तहत मिले निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण ने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई राह खोली है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण की बदौलत उन्हें रोजगार के नए अवसर मिले और आत्मविश्वास भी बढ़ा।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में समुदाय के कल्याण और अधिकारों को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई।
बिहार सरकार की यह पहल ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें सम्मानजनक जीवन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।