रांची। JPSC परीक्षा रद्द कर CBI जांच की मांग को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन लगातार 15वें दिन भी जारी है। JPSC-JSSC न्याय मंच के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं। देवेंद्र महतो समेत कई छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं।
इसी बीच आंदोलनरत छात्रों और राज्य सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की समिति के बीच गुरुवार सुबह 10:30 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता प्रस्तावित है। हालांकि, छात्रों ने बंद कमरे में बातचीत के बजाय खुले मैदान में वार्ता करने का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है।
न्याय मंच ने 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल किया तैयार
छात्र नेता देवेंद्र महतो ने बताया कि अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से सरकार के साथ बातचीत के लिए आठ सदस्यों के नाम तय किए गए हैं। यह प्रतिनिधिमंडल सरकार द्वारा गठित मंत्रियों की समिति के साथ छात्रों की मांगों को लेकर बातचीत करेगा। प्रतिनिधिमंडल में अमित कुमार, प्रेम कुमार समेत अन्य छात्रों को शामिल किया गया है।
देवेंद्र महतो ने कहा कि आज निर्मल महतो का शहादत दिवस है। उन्होंने कहा कि अगर निर्मल महतो आज जीवित होते तो झारखंड की स्थिति अलग होती।
छात्रों की मांग- परीक्षा रद्द हो और CBI जांच कराई जाए
आमरण अनशन पर बैठे छात्र प्रेम कुमार ने कहा कि छात्रों की मांग स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि जिस परीक्षा में अनियमितता के आरोप लगे हैं, उसे रद्द किया जाए और पूरे मामले की CBI से जांच कराई जाए।
छात्रों ने मानसून सत्र के दौरान भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की भी मांग की है। छात्रों का कहना है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मेडिकल टीम ने अनशनकारी छात्रों की जांच की
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र जुटे हुए हैं। आंदोलन स्थल पर मेडिकल टीम भी पहुंची और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य की जांच की।
चिकित्सकों ने लगातार भूख हड़ताल के कारण छात्रों की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई है। मेडिकल टीम की ओर से अनशनकारियों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती होने की सलाह भी दी जा रही है। इसके बावजूद देवेंद्र महतो और अन्य आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर अनशन पर डटे हुए हैं।
‘मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन जारी रहेगा’
आंदोलनकारी छात्र सूरज टाईलॉन ने कहा कि जब तक सरकार के साथ वार्ता पूरी नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।
उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 15 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
अब सभी की नजरें सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि बैठक में परीक्षा रद्द करने, CBI जांच, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई समेत छात्रों की प्रमुख मांगों पर चर्चा हो सकती है।