पटना. NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को बिहार बंद बुलाया गया था. इस बंद के दौरान राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव भी छात्रों के समर्थन में पटना के रामगुलाम चौक पहुंचे थे. यहां वे प्रदर्शनकारियों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए. इसके बाद तेज प्रताप छात्रों के साथ रामगुलाम चौक से डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे. एग्जिबिशन रोड के पास पुलिस ने मार्च को रोक दिया. इसी दौरान तेज प्रताप यादव को हिरासत में ले लिया गया.

पुलिस वाहन से लटकते दिखे तेज प्रताप

हिरासत में लिए जाने के दौरान तेज प्रताप यादव का अलग अंदाज भी देखने को मिला. वह पुलिस वाहन के दरवाजे से लटकते नजर आए. इस दौरान उन्होंने छात्रों के साथ खड़े रहने की बात कही. तेज प्रताप ने कहा कि छात्रों के अधिकारों के लिए वह जरूरत पड़ने पर जान देने को भी तैयार हैं. बता दें कि उन्होंने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों की मांगों का समर्थन किया था और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी.

फिर अचानक मॉल में दिखे तेज प्रताप

तेज प्रताप के गिरफ्तारी प्रकरण का सबसे दिलचस्प मोड़ यहीं से आता है. दरअसल, प्रदर्शन के बाद तेज प्रताप यादव शाम को पटना के एक मॉल में मौजूद थे, यानी कुछ घंटे पहले सड़क पर पुलिस से टकराव और हिरासत के बाद वह मॉल में नजर आए. इसी दौरान पटना पुलिस की टीम भारी पुलिस बल के साथ मॉल पहुंच गई और पुलिस ने तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई. इसके बाद मामला सीधे अदालत तक पहुंच गया.

देर रात लगी अदालत, 14 दिन के लिए जेल

शनिवार देर शाम गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तेज प्रताप यादव को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया. देर रात हुई सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. यानी दिन की शुरुआत छात्रों के समर्थन में सड़क पर धरने से हुई और रात का अंत जेल में हुआ. अब तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी बिहार बंद के दौरान हुए प्रदर्शन, पुलिस से टकराव और कथित उपद्रव से जुड़े मामलों की वजह से चर्चा में है.

आखिर किस मामले में हुई गिरफ्तारी?

बिहार बंद के दौरान पटना में प्रदर्शन के दौरान डाकबंगला चौराहे के पास पथराव की घटना भी सामने आई थी. पुलिस ने इसके बाद सुरक्षा बढ़ाई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भी प्रदर्शन हुए और कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी. तेज प्रताप की गिरफ्तारी इसी पूरे घटनाक्रम के बीच हुई है. अब उनकी गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने की संभावना है.