रांची। JPSC परीक्षा रद्द कर CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के एक गुट के साथ राज्य सरकार की वार्ता शुरू हो गई है। मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में JPSC-JSSC न्याय मंच के प्रतिनिधिमंडल और सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की समिति के बीच बातचीत चल रही है।

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में रामवतार महतो, दिनबंधु मंडल, रविशंकर, रामकुमार, प्रेम कुमार, विमल कुमार और अमित कुमार शामिल हैं।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार, मंत्री दीपिका पांडेय, मंत्री चमरा लिंडा और मंत्री संजय प्रसाद यादव वार्ता में मौजूद हैं।

JPSC-JSSC परीक्षा रद्द कर CBI जांच की मांग

बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर अपनी मांगें रखी हैं। छात्रों की प्रमुख मांग है कि जिन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उन्हें रद्द किया जाए और पूरे मामले की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए।

छात्रों का कहना है कि JPSC और JSSC की ओर से आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियों के आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसे में सिर्फ विभागीय जांच के बजाय पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।

सरकार सभी छात्र गुटों से कर रही बातचीत

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के अलग-अलग गुटों से सरकार बातचीत कर रही है। इससे पहले बुधवार देर शाम JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल के साथ सरकार की ओर से नामित मंत्रियों ने बैठक की थी।

उस बैठक में मंत्रियों ने छात्रों की मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया था। अब सरकार आंदोलन कर रहे अलग-अलग छात्र संगठनों और मंचों से बातचीत कर उनकी मांगों को समझने का प्रयास कर रही है।

आज शाम तक निकल सकता है समाधान

सूत्रों के अनुसार, छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद मंत्रियों की ओर से उनकी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर आगे का निर्णय लिया जा सकता है।

छात्रों और सरकार के बीच चल रही वार्ता को आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावना है कि आज शाम तक सरकार की ओर से कोई ठोस संकेत या निर्णय सामने आ सकता है।

फिलहाल छात्रों की नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हैं। वहीं, आंदोलनकारी छात्र अपनी प्रमुख मांगों—परीक्षा रद्द करने और CBI जांच कराने—पर अड़े हुए हैं।