रांची। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन 13वें दिन भी जारी है। आंदोलन कर रहे छात्र 14वीं JPSC पीटी परीक्षा रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की जांच CBI या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में कराने की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच आजसू विधायक निर्मल महतो ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधायक ने गले में ‘नौकरी का रेट चार्ट’ टांगकर अपना विरोध दर्ज कराया और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की।
‘राज्यपाल और राष्ट्रपति शासन की देखरेख में हो परीक्षा’
आजसू विधायक निर्मल महतो ने कहा कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने मांग की कि परीक्षाएं राज्यपाल और राष्ट्रपति शासन प्रशासन की निगरानी में आयोजित की जानी चाहिए।
विधायक के अनुसार, अगर भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होगी, तो छात्रों और अभ्यर्थियों का व्यवस्था पर भरोसा करना मुश्किल होगा।
‘मानसून सत्र में डिस्काउंट दे रही सरकार’
प्रदर्शन के दौरान विधायक ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि झारखंड की व्यवस्था पर लोगों का विश्वास उठता जा रहा है। उन्होंने कथित ‘रेट चार्ट’ का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मानसून सत्र के दौरान शायद सरकार डिस्काउंट भी दे रही है।
हालांकि, ‘नौकरी का रेट चार्ट’ प्रदर्शन के जरिए विधायक ने भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
BJP विधायकों ने भी किया प्रदर्शन
JPSC, JSSC-CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा विधायकों ने भी विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने परीक्षा प्रक्रिया की जांच और अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग उठाई।
कांग्रेस ने भी छात्रों को दिया समर्थन
झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल कांग्रेस ने भी गुरुवार को आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन की बात कही। कांग्रेस ने कहा कि वह छात्रों के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाना उसकी प्राथमिकता है।
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। अब विपक्षी दलों और राजनीतिक नेताओं के समर्थन के बाद यह मुद्दा विधानसभा के मानसून सत्र में भी प्रमुखता से उठ रहा है।