रांची। झारखंड में JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 12 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन अब सरकार के साथ बातचीत की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। राज्य सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की कमेटी गठित किए जाने के बाद अब आंदोलन कर रहे छात्रों ने भी वार्ता के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल बनाने के संकेत दिए हैं।
छात्र गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे अपने प्रतिनिधिमंडल की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की कमेटी के साथ बातचीत का रास्ता साफ हो सकता है।
खुले में बातचीत की मांग पर अड़े छात्र
बुधवार को झारखंड सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की कमेटी बनाने का ऐलान किया था। इसके जवाब में छात्रों ने स्पष्ट किया था कि बातचीत बंद कमरे में नहीं, बल्कि खुले में और मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए।
अब छात्रों ने बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल बनाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, आंदोलनकारी छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर कायम हैं।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। जिन परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा निष्पक्ष तरीके से परीक्षा कराई जाए।
इसके अलावा छात्र भर्ती प्रक्रिया में सुधार और कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
12 दिनों से जारी है आंदोलन
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र पिछले 12 दिनों से रांची के कचहरी रोड स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान चार छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं।
पिछले कुछ दिनों में आंदोलन में नए लोगों के जुड़ने से छात्रों का प्रदर्शन लगातार तेज होता गया है। अब सरकार की ओर से बातचीत की पहल के बाद आंदोलन को लेकर नई दिशा बनने की उम्मीद है।