रांची। JPSC-JSSC भर्ती में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच आज एक बार फिर वार्ता होने जा रही है। बातचीत से पहले छात्र नेताओं ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से खुद वार्ता में शामिल होने की मांग की है। उनका कहना है कि इतने लंबे समय से आंदोलन चल रहा है और कई छात्र भूख हड़ताल पर हैं, ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
24वें दिन भी जारी आंदोलन, चार छात्र भूख हड़ताल पर
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि आंदोलन को 24 दिन पूरे हो चुके हैं। वहीं, चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मांगों को लेकर इतने लंबे समय तक धरने पर बैठना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि सरकार अब तक छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर नजर नहीं आई है। उन्होंने कहा कि छात्र आज की वार्ता में शामिल होंगे, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी बातचीत का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र अपनी मांगों से किसी भी स्थिति में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
18 अगस्त तक का अल्टीमेटम
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि 10 अगस्त के प्रदर्शन के बाद सरकार सातवें दिन बातचीत के लिए आगे आई है। छात्रों को उम्मीद है कि सरकार वार्ता के दौरान उनकी सभी मांगों को स्वीकार करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास 18 अगस्त तक का समय है। यदि इस अवधि तक छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए जुटेंगे।
बातचीत को लेकर उम्मीद और संदेह दोनों
छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि आंदोलन का आज 24वां दिन है और उनके साथी पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र बातचीत के पक्ष में हैं और बातचीत के जरिए ही इस विवाद का समाधान निकाला जा सकता है।
हालांकि, छात्रों के बीच वार्ता को लेकर उम्मीद के साथ-साथ संदेह भी है। अब सभी की नजर आज होने वाली सरकार और छात्र प्रतिनिधियों की बातचीत पर टिकी है। वार्ता में छात्रों की मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है, इससे आंदोलन की अगली रणनीति तय होने की संभावना है।