रांची। झारखंड के मतदाताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावा-आपत्ति दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब मतदाता पहले तय 4 सितंबर की बजाय 15 सितंबर 2026 तक मतदाता सूची में नाम, विवरण या अन्य संबंधित सुधार को लेकर दावा-आपत्ति दाखिल कर सकेंगे।

निर्वाचन आयोग के इस फैसले से उन मतदाताओं को राहत मिलेगी, जो किसी कारण से निर्धारित समय के भीतर अपनी आपत्ति या सुधार संबंधी दावा दाखिल नहीं कर पाए थे।

15 सितंबर तक दाखिल कर सकेंगे दावा-आपत्ति

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिला निर्वाचन पदाधिकारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आयोग से समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। इसमें मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दावा-आपत्ति दाखिल करने के साथ-साथ नोटिस और प्राप्त दावे-आपत्तियों के निष्पादन के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की गई थी।

भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य के अनुरोध पर सहमति जताते हुए SIR के कार्यक्रम में संशोधन किया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब दावा और आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई है।

मानसून और श्रावणी मेले को देखते हुए बढ़ाई गई समय सीमा

समय सीमा बढ़ाने के पीछे राज्य में जारी मानसून, कृषि कार्यों और देवघर-दुमका में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध श्रावणी मेले को भी महत्वपूर्ण कारण माना गया है।

मानसून के दौरान ग्रामीण इलाकों में लोगों की व्यस्तता बढ़ जाती है। वहीं, कृषि कार्यों में बड़ी संख्या में लोग व्यस्त रहते हैं। इसके अलावा सावन के दौरान देवघर और दुमका में धार्मिक गतिविधियों और श्रावणी मेले के कारण भी बड़ी संख्या में लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं।

ऐसे में निर्वाचन विभाग की ओर से मतदाताओं को पर्याप्त समय उपलब्ध कराने के लिए समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया था।

14 अक्टूबर तक पूरी होगी दावे-आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार केवल दावा-आपत्ति दाखिल करने की तारीख ही नहीं बढ़ाई गई है, बल्कि आगे की प्रक्रिया के लिए भी अतिरिक्त समय दिया गया है।

अब नोटिस चरण तथा दावे और आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

मतदाताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

मतदाता सूची में नाम दर्ज होना और उसमें दर्ज जानकारी का सही होना चुनावी प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण है। कई बार नाम में गलती, पता बदलने, विवरण में त्रुटि या अन्य कारणों से मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ऐसे मतदाताओं के लिए दावा-आपत्ति की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। समय सीमा बढ़ने से अब लोगों को अपने रिकॉर्ड की जांच करने और जरूरत पड़ने पर संबंधित दावा या आपत्ति दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

अंतिम सूची 19 अक्टूबर को होगी प्रकाशित

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के बाद अब झारखंड में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 15 सितंबर तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इसके बाद संबंधित दावों और आपत्तियों की जांच एवं निष्पादन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर तक पूरी की जाएगी।