पटना। बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज लखीसराय सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना के बाद प्रशासन और सरकार ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि लखीसराय के अशोकधाम हाल्ट पर हुई हृदयविदारक दुर्घटना में मृतकों के निकटतम आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा।
CM सम्राट ने जताया दुख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि श्रद्धालुओं की मौत की खबर बेहद दुखद और व्यथित करने वाली है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदना और प्रतिबद्धता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। साथ ही उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
सरकार ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
हादसे के बाद सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रदेश भाजपा प्रमुख संजय सरावगी ने कहा कि सरकार घटना की जांच करा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि घायलों को बेहतर इलाज मिले।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से बात की है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटनास्थल के लिए रवाना हुए मंत्री विजय सिन्हा
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मंत्री विजय कुमार सिन्हा घटनास्थल के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 5 बजे राहत शिविर चलाने वाले कार्यकर्ताओं से उनकी बातचीत हुई थी। उस समय स्थिति सामान्य थी और श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल था।
मंत्री ने बताया कि घटना मंदिर परिसर के बाहर हुई है। सरकार की ओर से प्रभावित लोगों के लिए राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज और राहत-बचाव कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हादसे की जांच के बाद ही भगदड़ की वास्तविक वजह और संभावित लापरवाही को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।