चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। चाईबासा पुलिस केंद्र में मंगलवार को प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के चार सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इनमें 10 लाख रुपये का इनामी नक्सली सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर भी शामिल है।

आत्मसमर्पण कार्यक्रम में सिंहभूम कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, सीआरपीएफ के डीआईजी, पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू, सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी, सीआरपीएफ 60वीं बटालियन के कमांडेंट, 174वीं बटालियन के कमांडेंट मनोज डंग, 197वीं बटालियन के कमांडेंट, चक्रधरपुर एसडीपीओ सैय्यद मुस्तफा हाशमी और चाईबासा एसडीपीओ बहामन टुटी समेत पुलिस और सुरक्षा बलों के अधिकारी मौजूद रहे।

10 लाख का इनामी सालुका कायम भी शामिल

पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले चार नक्सलियों की पहचान इस प्रकार है—

सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर — सोनुवा थाना क्षेत्र के कुदाबुरु गांव निवासी, 10 लाख रुपये का इनामी नक्सली।

कोदोमुनी कोड़ा — टोंटो थाना क्षेत्र के रेंगड़ाहातु गांव निवासी, 1 लाख रुपये की इनामी।

अनीता तामसोय — मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अंजेदबेड़ा गांव निवासी।

पिंकी — गोइलकेरा थाना क्षेत्र के ईचागोड़ा गांव निवासी।

सभी के मुख्यधारा में लौटने पर पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

सितंबर 2025 से अब तक 52 नक्सलियों ने किया सरेंडर

पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच पश्चिमी सिंहभूम में कुल 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 18 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए और 29 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है।

इस अवधि में सुरक्षा बलों ने 49 हथियार, 9,214 कारतूस और 15आईईडी विस्फोटक बरामद किए हैं।

आत्मसमर्पण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पश्चिमी सिंहभूम जिले में अब कोई नक्सली सक्रिय नहीं बचा है। उन्होंने सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट क्षेत्र को नक्सल मुक्त होने की बात कही।

डीआईजी ने दूसरे जिलों में जाकर छिपे नक्सलियों से भी आत्मसमर्पण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने का मौका दिया जा रहा है, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करने पर सुरक्षा बल उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

नक्सलवाद के बाद पुलिसिंग होगी बड़ी चुनौती

नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हुए इलाकों में अब पुलिस के सामने क्या चुनौती होगी, इस सवाल पर डीआईजी ने कहा कि आगे बेहतर पुलिसिंग, आम जनता के साथ बेहतर संबंध और मजबूत समन्वय पर जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, ताकि भविष्य में नक्सल जैसी शक्तियों को दोबारा पनपने का मौका न मिले।

डीआईजी बोले- सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट नक्सल मुक्त