रांची: आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने गुरुवार को झारखंड की प्रमुख निर्माण कंपनियों में शामिल रामकृपाल कंस्ट्रक्शन के विभिन्न ठिकानों पर सर्वे अभियान शुरू किया। विभाग की टीम ने रांची और बिहार के बेगूसराय स्थित कंपनी के कार्यालयों में एक साथ कार्रवाई की, जिससे कारोबारी जगत में हलचल मच गई।

जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम कंपनी के वित्तीय लेन-देन, कर संबंधी दस्तावेजों और कारोबारी गतिविधियों की जांच कर रही है। सर्वे के दौरान कंपनी से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।

कई राज्यों में फैला है कारोबार

रामकृपाल कंस्ट्रक्शन का कारोबार झारखंड और बिहार सहित देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। कंपनी मुख्य रूप से सड़क, पुल और भवन निर्माण के क्षेत्र में कार्य करती है। सरकारी और निजी परियोजनाओं में सक्रिय इस कंपनी का निर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।

सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की कार्रवाई के दायरे में कंपनी से जुड़े कुछ अन्य ठेकेदारों को भी शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि कंपनी के साथ काम करने वाले दर्जनभर से अधिक छोटे ठेकेदारों के लेन-देन और व्यावसायिक संबंधों की भी जांच की जा रही है।

दस्तावेजों की जांच में जुटी टीम

आयकर विभाग की टीम कंपनी के खातों, कर भुगतान, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर रही है। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक सर्वे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सर्वे के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कार्यालयों में मौजूद कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों से भी जानकारी जुटाई। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही जांच के उद्देश्य और उससे जुड़े तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

पहले भी सुर्खियों में रही है कंपनी

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष रामकृपाल कंस्ट्रक्शन का नाम उस समय चर्चा में आया था, जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कंपनी से जुड़े एक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की थी। उस कर्मचारी को कथित तौर पर रिश्वत देते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।

हालांकि वर्तमान आयकर सर्वे का उस मामले से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कारोबार जगत की नजरें जांच पर

आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद निर्माण क्षेत्र और ठेकेदारी व्यवसाय से जुड़े लोगों की नजरें जांच के परिणामों पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि सर्वे पूरा होने के बाद विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई या आधिकारिक जानकारी साझा की जा सकती है।