खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ ने कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। बेलदौर थाना क्षेत्र में नियमित वाहन जांच के दौरान तीन संदिग्ध युवकों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, एक सब-इंस्पेक्टर (SI) के साथ मारपीट की और उनकी सरकारी पिस्टल छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। देर रात चलाए गए सघन अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पुलिस कस्टडी से भागने और पुलिस टीम पर दोबारा हमला करने की कोशिश के दौरान आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई। वहीं उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
वाहन जांच के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, बेलदौर थाना पुलिस मंगलवार रात क्षेत्र में नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक पुलिस को संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ और वाहन की जांच शुरू की।
शुरुआत में तीनों युवक सामान्य व्यवहार करते दिखे, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने पुलिस टीम से बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने एक सब-इंस्पेक्टर के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उन्होंने एसआई की सरकारी पिस्टल छीन ली और मौके से फरार हो गए।
इस दुस्साहसिक घटना से पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
सरकारी हथियार छिनने की घटना को बेहद गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने तत्काल डीएसपी, जिला खुफिया इकाई (DIU) और बेलदौर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की।
पूरे इलाके में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई और तकनीकी निगरानी के साथ स्थानीय स्तर पर भी सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया।
गिरफ्तारी के बाद भागने की कोशिश
सघन अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम उसे लेकर लौट रही थी, तभी सकरोहर-कुर्बन प्रधानमंत्री पथ पर रांकि बासा के समीप आरोपी ने अचानक पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया। जवानों ने पहले उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं रुका तो आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।
गोली आरोपी के पैर में लगी, जिसके बाद उसे काबू में कर तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटनास्थल से मिले अहम साक्ष्य
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। इस दौरान दो खाली कारतूस (खोखा) बरामद किए गए।
फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि मुठभेड़ से जुड़े सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया जा सके।
मुख्य आरोपी की पहचान
पुलिस ने घायल आरोपी की पहचान अखिलेश कुमार के रूप में की है। वह बेलदौर थाना क्षेत्र के कुर्बान गांव (वार्ड संख्या-4) निवासी लालो सदा का पुत्र बताया गया है।
पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह पहले भी कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है।
दो आरोपी अब भी फरार
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद उसके दो साथी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिले के विभिन्न इलाकों में लगातार छापेमारी शुरू कर दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि आरोपी जिले से बाहर न निकल सकें।
सरकारी पिस्टल की तलाश जारी
घटना के दौरान छीनी गई सरकारी पिस्टल अब तक बरामद नहीं हो सकी है।
पुलिस का कहना है कि हथियार की बरामदगी उनकी पहली प्राथमिकता है। इसके लिए गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है।
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कहीं यह हथियार किसी आपराधिक वारदात में इस्तेमाल करने की योजना तो नहीं थी।
एसपी ने दिया कड़ा संदेश
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि पुलिस पर हमला करने और सरकारी हथियार छीनने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी अपराधी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
एसपी ने बताया कि पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद बेलदौर और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
वाहन जांच अभियान को और सख्त किया गया है तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों से भी पुलिस ने अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन जांच के दौरान पुलिस टीम पर हमला और सरकारी हथियार छीनने जैसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर पुलिस सुरक्षा और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच जारी
पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि फरार दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
निष्कर्ष
खगड़िया के बेलदौर थाना क्षेत्र में हुई यह घटना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हुई। वाहन जांच के दौरान एसआई की सरकारी पिस्टल छीनकर भागने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। हालांकि दो आरोपी अब भी फरार हैं और सरकारी हथियार की बरामदगी बाकी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर मामले का खुलासा किया जाएगा।