आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज स्मार्टफोन, कंप्यूटर और इंटरनेट सेवाओं का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन जहां एक ओर AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इससे दूरी बनाना भी चाहते हैं। अमेरिका में अब इस नई सोच की झलक सार्वजनिक लाइब्रेरी तक पहुंच गई है, जहां लोगों को AI का इस्तेमाल सिखाने के बजाय AI फीचर्स को बंद करना सिखाया जा रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के कई शहरों की लाइब्रेरी में "Avoiding AI" (AI से बचना) नाम से विशेष वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि वे अपने डिजिटल उपकरणों पर मौजूद AI फीचर्स को अपनी जरूरत के अनुसार कैसे नियंत्रित या बंद कर सकते हैं।

AI सीखने नहीं, AI बंद करना सीखने पहुंच रहे लोग

दक्षिण फिलाडेल्फिया की एक लाइब्रेरी में लाइब्रेरियन चार्ली बेली ने हाल ही में "Avoiding AI" नामक वर्कशॉप आयोजित की। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ChatGPT या अन्य AI टूल्स का उपयोग करना नहीं, बल्कि Apple Intelligence, Google Gemini और अन्य AI आधारित फीचर्स को बंद करने के तरीके बताए गए।

करीब एक घंटे के इस सत्र में लोगों को पहले यह समझाया गया कि AI तकनीक कैसे काम करती है, किन परिस्थितियों में यह उपयोगी हो सकती है और किन कारणों से कुछ लोग इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते। इसके बाद मोबाइल, लैपटॉप और ऑनलाइन सेवाओं में AI फीचर्स को बंद करने की प्रक्रिया समझाई गई।

बिना विकल्प दिए AI जोड़ने पर लोगों की चिंता

रिपोर्ट के मुताबिक, चार्ली बेली को इस तरह की वर्कशॉप शुरू करने का विचार तब आया, जब उन्होंने महसूस किया कि कई टेक कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स में AI फीचर्स जोड़ रही हैं, लेकिन उपयोगकर्ताओं को उन्हें बंद करने या नियंत्रित करने के पर्याप्त विकल्प नहीं मिल रहे।

कई लोगों ने शिकायत की कि उनके डिवाइस पर AI अपने-आप ईमेल लिखने के सुझाव देता है, मैसेज का सारांश तैयार करता है और कई ऐप्स में बिना पूछे सक्रिय हो जाता है।

Maine की लाइब्रेरी में भी शुरू हुआ ऐसा ही अभियान

अमेरिका के मेन (Maine) राज्य की बैंगर पब्लिक लाइब्रेरी में भी इसी तरह का कार्यक्रम शुरू किया गया। यहां आने वाले कई लोगों ने लाइब्रेरियन से पूछा कि वे ईमेल सुझाव, ऑटोमैटिक मैसेज समरी और अन्य AI फीचर्स को कैसे बंद कर सकते हैं।

इन सवालों को देखते हुए लाइब्रेरी ने एक विशेष शैक्षणिक सत्र तैयार किया, जिसमें पहले AI की कार्यप्रणाली समझाई गई और फिर उन फीचर्स को बंद करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए, जिनका उपयोग लोग नहीं करना चाहते।

AI का विरोध नहीं, अपनी पसंद का अधिकार चाहते हैं लोग

इन वर्कशॉप में शामिल कई लोगों ने माना कि AI स्वास्थ्य सेवाओं, दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन और कई अन्य क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि उनका कहना था कि यह फैसला उपयोगकर्ता का होना चाहिए कि वह AI का इस्तेमाल कब, कहां और किस उद्देश्य से करना चाहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड AI के विरोध से ज्यादा डिजिटल नियंत्रण (Digital Control) और उपयोगकर्ता की पसंद (User Choice) से जुड़ा हुआ है।

AI के दौर में बढ़ रही नई सोच

जैसे-जैसे AI तकनीक रोजमर्रा के डिजिटल उपकरणों का हिस्सा बनती जा रही है, वैसे-वैसे कुछ लोग अपने डिजिटल अनुभव पर अधिक नियंत्रण चाहते हैं। अमेरिका की लाइब्रेरी में आयोजित ये वर्कशॉप इसी बदलती सोच का संकेत हैं, जहां लोगों को यह बताया जा रहा है कि AI का इस्तेमाल करना जितना उनका अधिकार है, उतना ही उसे बंद करना भी उनका व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है।