NEET-UG काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब अभ्यर्थियों को सीट आवंटन के बाद बार-बार मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पहले और दूसरे राउंड में सीट पाने वाले उम्मीदवार अब दस्तावेज सत्यापन और रिपोर्टिंग की कई प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे।

इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को समय, धन और अनावश्यक यात्रा से राहत देना है, साथ ही काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और सुविधाजनक बनाना है।

“फ्लोट” विकल्प चुनने वालों को बड़ी राहत

नए ढांचे के अनुसार, जो अभ्यर्थी सीट आवंटन के बाद “फ्लोट” विकल्प चुनते हैं, वे ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन कराकर प्रोविजनल एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें अपनी आवंटित सीट सुरक्षित रखते हुए अगले राउंड की काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

यदि अगले राउंड में उन्हें बेहतर कॉलेज या पसंदीदा सीट मिल जाती है, तो उनकी पुरानी सीट स्वतः ही दूसरे पात्र उम्मीदवार को आवंटित कर दी जाएगी। वहीं, बेहतर सीट नहीं मिलने की स्थिति में वे अपनी मूल सीट बनाए रख सकेंगे।

“फ्रीज” विकल्प वालों को करनी होगी फिजिकल रिपोर्टिंग

हालांकि, जो उम्मीदवार “फ्रीज” विकल्प चुनते हैं या तीसरे राउंड के बाद अपनी सीट बरकरार रखते हैं, उन्हें प्रवेश की अंतिम औपचारिकताएं पूरी करने के लिए संबंधित कॉलेज में शारीरिक रूप से उपस्थित होना होगा।

इस दौरान मूल दस्तावेजों का सत्यापन, फीस जमा करना और अन्य आवश्यक प्रवेश प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

काउंसलिंग से पहले जेपी नड्डा ने की समीक्षा

NEET-UG काउंसलिंग शुरू होने से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को इन सुधारों की समीक्षा की। इस दौरान मेडिकल शिक्षा से जुड़े अधिकारियों ने नई व्यवस्था की जानकारी दी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (मेडिकल एजुकेशन) डॉ. बी. श्रीनिवास ने बताया कि पहले सीट आवंटन होने के बाद हर छात्र को कॉलेज जाकर रिपोर्ट करना पड़ता था, भले ही वह अगले राउंड में बेहतर विकल्प की उम्मीद रखता हो।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत छात्र ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन कर सकेंगे और अपनी सीट सुरक्षित रखते हुए काउंसलिंग की अगली प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

ऑनलाइन सीट सरेंडर की भी सुविधा

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने इस वर्ष एक और महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की है। अब पात्र अभ्यर्थी अपनी आवंटित सीट को ऑनलाइन सरेंडर भी कर सकेंगे।

पहले इसके लिए छात्रों को संबंधित कॉलेज में जाकर प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, लेकिन अब वे काउंसलिंग पोर्टल के माध्यम से ही सीट छोड़ने की औपचारिकता पूरी कर सकेंगे।

NRI कोटे की प्रक्रिया भी हुई डिजिटल

केंद्र सरकार ने NRI कैटेगरी के तहत प्रवेश प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाया है। जिन उम्मीदवारों को अतिरिक्त पात्रता दस्तावेज जमा करने होते हैं, वे अब ई-मेल के बजाय एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल पर अपने दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे।

इससे दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, तेज और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से NEET-UG काउंसलिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुगम और छात्र-केंद्रित बनेगी। ऑनलाइन रिपोर्टिंग, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन और सीट सरेंडर जैसी सुविधाओं से अभ्यर्थियों का समय बचेगा और उन्हें बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।