मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पारू थाना क्षेत्र के दामोदरपुर गांव में देर रात शराब कारोबारी की गिरफ्तारी के दौरान ग्रामीणों और असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला सिपाही समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिस पर जानलेवा हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शराब तस्करों के खिलाफ चल रहा था अभियान

बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद कई जिलों में अवैध शराब का कारोबार लगातार पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विभिन्न जिलों में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत पारू थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दामोदरपुर गांव में एक शराब कारोबारी बड़ी मात्रा में अवैध शराब के साथ मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया और देर रात छापेमारी की योजना बनाई।

रात दो बजे गांव पहुंची पुलिस टीम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, देर रात करीब दो बजे पुलिस टीम दामोदरपुर गांव पहुंची। छापेमारी के दौरान पुलिस ने चिन्हित शराब धंधेबाज को पकड़ लिया।

जैसे ही पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर आगे बढ़ने लगी, गांव में शोर-शराबा शुरू हो गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करना शुरू किया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया

स्थिति कुछ ही मिनटों में हिंसक हो गई। आरोप है कि दर्जनों लोगों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया और उन पर ईंट-पत्थरों की बारिश शुरू कर दी।

अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका नहीं मिला। कई जवान चोटिल हो गए और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी।

हमलावरों ने पुलिस वाहन को भी निशाना बनाया। वाहन के पिछले हिस्से पर लगातार पत्थर फेंके गए, जिससे गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के दौरान कुछ समय के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

महिला सिपाही समेत आठ पुलिसकर्मी घायल

हमले में कुल आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें एक महिला सिपाही भी शामिल हैं।

घायलों को तुरंत इलाज के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने चार पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर पाई।

इसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) रेफर कर दिया गया।

पुलिस विभाग के अनुसार गंभीर रूप से घायल कर्मियों में:

  • सन्नी कुमार (31 वर्ष)
  • पुलकित कुमार (30 वर्ष)
  • रामभरोस यादव (50 वर्ष)
  • महिला सिपाही पुष्पा कुमारी (26 वर्ष)

शामिल हैं।

अन्य चार पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद वापस भेज दिया गया।

सरकारी संपत्ति को भी पहुंचाया नुकसान

इस हमले में केवल पुलिसकर्मी ही घायल नहीं हुए, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।

पुलिस वाहन के शीशे टूट गए और वाहन के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों ने जानबूझकर सरकारी वाहन को निशाना बनाया।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला भी प्राथमिकी में शामिल किया जाएगा।

पुलिस ने शुरू किया कॉम्बिंग ऑपरेशन

घटना के तुरंत बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।

इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा गया और पूरे इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

पुलिस टीम गांव और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है। संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है और वीडियो फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

दर्ज होगी सख्त धाराओं में प्राथमिकी

पुलिस के अनुसार घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

इनमें सरकारी कार्य में बाधा डालना, पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और कानून व्यवस्था भंग करना जैसी धाराएं शामिल होंगी।

पुलिस नामजद और अज्ञात दोनों तरह के आरोपियों की पहचान कर रही है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

शराबबंदी कानून के सामने चुनौती

बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद कई जिलों में शराब तस्करी और अवैध कारोबार के मामले लगातार सामने आते रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों पर हमले की घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं।

ऐसी घटनाएं न केवल पुलिस के मनोबल को प्रभावित करती हैं, बल्कि कानून लागू करने की प्रक्रिया को भी कठिन बनाती हैं।

पुलिस अधिकारियों ने दी सख्त चेतावनी

घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

अधिकारियों ने कहा कि पुलिस केवल कानून के तहत अपना कर्तव्य निभा रही थी। ऐसे में पुलिस टीम पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने लोगों से अपील की कि अपराधियों का साथ देने के बजाय कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

हमले के बाद दामोदरपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पुलिस लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

फिलहाल घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है और पुलिस हमले में शामिल लोगों की तलाश में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।