धनबाद। झारखंड में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए धनबाद के 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह से ही ईडी की कई टीमें केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग इलाकों में पहुंचीं और संदिग्ध परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी। इस कार्रवाई से अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया, जबकि जिन इलाकों में छापेमारी हुई वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल) की जांच के तहत की जा रही है। ईडी की टीमें दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच कर रही हैं, ताकि अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

सुबह से शुरू हुई कार्रवाई, कई इलाकों में एक साथ पहुंची टीमें

ईडी की छापेमारी धनबाद के टिकियापाड़ा स्थित नालंदा कॉटेज, महुदा, लोयाबाद, झरिया और बैंक मोड़ समेत कई प्रमुख स्थानों पर की गई। अधिकारियों ने संबंधित परिसरों में मौजूद दस्तावेजों की जांच की और कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल उपकरणों को भी खंगाला।

छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई, ताकि जांच में किसी तरह की बाधा न आए।

इन ठिकानों पर हुई ईडी की छापेमारी

जानकारी के मुताबिक ईडी की टीमों ने निम्नलिखित स्थानों पर कार्रवाई की—

  • गांगुली कॉम्प्लेक्स स्थित एसके शर्मा का कार्यालय
  • टिकियापाड़ा में अनिल गोयल का ठिकाना
  • अनिल गोयल के करीबी सबीर आलम का आवास
  • लोयाबाद में डिप्टी मेयर के भाई हरेंद्र चौहान का ठिकाना
  • झरिया के गणेश यादव का परिसर
  • बैंक मोड़ स्थित पप्पू मंडल का ठिकाना
  • शेखर यादव के यहां
  • झरिया के शिमला बहाल में एलबी सिंह के साले रंजीत सिंह का आवास
  • माधव सिंह समेत कुल 20 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच

ईडी की टीमों ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कोयला कारोबार से अर्जित धन का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया।

सूत्रों का कहना है कि वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।

अवैध कोयला कारोबार पर कसता शिकंजा

धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध कोयला खनन और तस्करी की शिकायतें सामने आती रही हैं। समय-समय पर विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियां इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करती रही हैं।

ईडी की यह ताजा कार्रवाई इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक लाभ किस-किस तक पहुंचे और धन के प्रवाह का नेटवर्क कैसे संचालित किया गया।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक ईडी की ओर से किसी गिरफ्तारी, नकदी या अन्य बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि छापेमारी पूरी होने और जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद एजेंसी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक कर सकती है।

आगे और खुलासों की उम्मीद

जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद अवैध कोयला कारोबार से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो आने वाले दिनों में और लोगों से पूछताछ या आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।