बोकारो: झारखंड के बोकारो में रंगदारी मांगने और उद्योगपतियों को धमकाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बालीडीह स्थित बीएमडब्ल्यू प्लांट के संचालक से रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने कुख्यात प्रिंस खान गैंग के मुख्य सहयोगी राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी जिले में गैंग के नेटवर्क को मजबूत करने और उसके प्रभाव को बढ़ाने का काम कर रहा था।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि पुलिस उससे जुड़े अन्य लोगों और पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

फैक्ट्री संचालक को दी गई थी धमकी

जानकारी के अनुसार, बालीडीह स्थित बीएमडब्ल्यू कंपनी के संचालक से फैक्ट्री संचालन के बदले रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी।

इस संबंध में 12 मार्च को प्लांट के मैनेजर सुरेश कुमार सिंह ने बालीडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर मामले की जांच शुरू की थी।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने दबोचा

जांच के दौरान कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुख्य आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार हो रहा था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि राकेश कुमार बोकारो पहुंचा हुआ है।

सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन किया गया और बालीडीह थाना क्षेत्र में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रिंस खान के सीधे संपर्क में था आरोपी

पुलिस पूछताछ में आरोपी राकेश कुमार ने स्वीकार किया है कि वह सीधे प्रिंस खान के अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार, प्रिंस खान के निर्देश पर ही उसने धमकी भरा पर्चा लिखा और उसे कंपनी तक पहुंचाया था।

इतना ही नहीं, बाद में उसी पर्चे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, ताकि कंपनी पर दबाव बनाया जा सके और रंगदारी वसूली जा सके।

रंगदारी के बदले मिले थे 1.50 लाख रुपये

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस काम के बदले आरोपी को दो अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.50 लाख रुपये भेजे गए थे। पुलिस अब इस रकम के लेन-देन और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

मोबाइल से मिले अहम डिजिटल सबूत

पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। जांच में मोबाइल से प्रिंस खान के साथ हुई कई बातचीत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।

अधिकारियों का कहना है कि ये सबूत पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

संगठित अपराध पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बोकारो पुलिस की इस कार्रवाई को संगठित अपराध और रंगदारी वसूली के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जिले में उद्योगों और कारोबारियों को डराने-धमकाने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।