रांची से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां अब सभी विश्वविद्यालय, अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों को सिगरेट और तंबाकू मुक्त परिसर बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला झारखंड विधानसभा में पारित झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 के तहत लिया गया है।

इस नए कानून के तहत पहली बार विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शीर्ष पदाधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की गई है, जिससे इस नियम को सख्ती से लागू किया जा सके।


🎯 VC, डीन और प्राचार्य की तय हुई जिम्मेदारी

नए नियमों के अनुसार:

  • विश्वविद्यालय में कुलपति (VC) और डीन जिम्मेदार होंगे

  • कॉलेजों में प्राचार्य (Principal) को जवाबदेह बनाया गया है

  • तंबाकू मुक्त परिसर बनाए रखना इनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी

इन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि केंद्र और राज्य सरकार के सभी दिशा-निर्देशों का पालन हो और लगातार निगरानी भी बनी रहे।


🚭 कॉलेज परिसर में पूरी तरह बैन होगा तंबाकू

कानून लागू होने के बाद:

  • कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसर में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित होगा

  • परिसर के अंदर तंबाकू की बिक्री और प्रचार भी नहीं किया जा सकेगा

  • संस्थानों को सख्ती से निगरानी और कार्रवाई करनी होगी

👉 यानी अब कैंपस के अंदर धूम्रपान करते पकड़े जाने पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।


📍 100 गज के दायरे में भी सख्ती

इस कानून का एक अहम पहलू यह भी है कि:

  • हर कॉलेज और विश्वविद्यालय के 100 गज के दायरे को भी नोटिफाई किया जाएगा

  • इस क्षेत्र में भी तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह रोक होगी

  • यह प्रावधान COTPA Act 2003 के तहत लागू किया जाएगा

👉 इसका मतलब है कि कैंपस के बाहर भी छात्रों को तंबाकू से दूर रखने की कोशिश की जा रही है।


🗳️ शिक्षक और कर्मचारी लड़ सकेंगे चुनाव

इस विधेयक में एक और बड़ा बदलाव किया गया है:

  • अब विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी विधानसभा या संसद का चुनाव लड़ सकेंगे

  • नामांकन से पहले उन्हें संस्थान से अनुमति लेनी होगी

  • चुनाव जीतने पर उन्हें बिना वेतन अवकाश मिलेगा

  • चुनाव जीतने के आधार पर उनकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं होगा

👉 यह प्रावधान शिक्षकों को राजनीति में भागीदारी का नया अवसर देता है।


🤔 क्या होगा इस फैसले का असर?

इस नए कानून से कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं:

  • छात्रों के बीच तंबाकू सेवन में कमी आएगी

  • कैंपस का माहौल स्वस्थ और सुरक्षित बनेगा

  • संस्थानों की जिम्मेदारी बढ़ेगी

  • नियम तोड़ने वालों पर सख्ती होगी


📢 आपकी राय क्या है?

क्या आपको लगता है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी को तंबाकू मुक्त बनाने का यह फैसला सही है?
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