रांची: संत जेवियर्स कॉलेज, रांची में सोमवार को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के सहयोग से कॉलेज सभागार में एक दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (Faculty Development Programme) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था— “उत्तरदायी अकादमी: नई शिक्षा नीति को समझना, विधान, मान्यता, एआई और डिजिटल बदलाव”। इस आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों को उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य, नई शैक्षणिक चुनौतियों और डिजिटल युग की आवश्यकताओं के प्रति जागरूक एवं तैयार करना था।

 

कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर, एसजे के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों के अनुरूप शिक्षकों को स्वयं को लगातार अपडेट रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संत जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता के कॉमर्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं डीन डॉ. अमिताभ रॉय तथा कॉमर्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं पीएचडी समन्वयक डॉ. सम्राट रॉय उपस्थित रहे।

 

पहले सत्र में डॉ. अमिताभ रॉय ने नई शिक्षा नीति (NEP), उसके क्रियान्वयन, उच्च शिक्षा के नए कानूनी ढांचे और नैक (NAAC) की संशोधित मान्यता प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद उन्होंने परिणाम आधारित शिक्षा (Outcome Based Education) की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए शिक्षण प्रक्रिया को छात्र-केंद्रित बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पाठ्यक्रम निर्माण, सीखने के परिणामों के निर्धारण और मूल्यांकन प्रणाली में सुधार के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।

 

दूसरे वक्ता डॉ. सम्राट रॉय ने “ध्यान भटकाने वाली अकादमी: सोशल मीडिया, छात्रों का विकास और संस्थागत नीति” विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने सोशल मीडिया के छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, संज्ञानात्मक क्षमता और समग्र विकास पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा करते हुए प्रभावी संस्थागत नीतियों की जरूरत पर जोर दिया।

 

अपने अगले सत्र में डॉ. सम्राट रॉय ने उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एआई शिक्षण, मूल्यांकन और शोध के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान कर रहा है, वहीं इसके उपयोग से जुड़ी चुनौतियों को समझना भी आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों में एआई टूल्स के रचनात्मक और जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित किया।

 

कार्यक्रम में कॉलेज के विभिन्न विभागों के कुल 154 प्राध्यापकों ने भाग लिया। इस दौरान शैक्षणिक नवाचार, गुणवत्ता आश्वासन और तेजी से डिजिटल हो रही उच्च शिक्षा के भविष्य को लेकर सार्थक संवाद हुआ।

 

कार्यक्रम का समापन उप-प्राचार्य डॉ. फादर अजय अरुण मिंज, एसजे के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर कॉलेज के रजिस्ट्रार डॉ. फादर प्रभात केनेडी सोरेंग, तीनों संकायों के डीन, डीएसडब्ल्यू डॉ. संजय सिन्हा, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शिव कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुमित रॉय, फादर संजय केरकेट्टा, फादर रवि हेमंत कुजूर सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक

उपस्थित रहे।