रांची: झारखंड की राजधानी रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र में सामने आए महिला के सामूहिक दुष्कर्म और निर्मम हत्या के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने जांच का दायरा रांची से बाहर बढ़ाते हुए लातेहार, बोकारो और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस को तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर तीन संदिग्ध आरोपियों के लातेहार और बाद में बोकारो क्षेत्र में होने की सूचना मिली है। इसके बाद विशेष पुलिस टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है।
घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कठोरतम सजा की मांग की है। वहीं पुलिस का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
सिरी जंगल में मिला था महिला का शव
यह मामला तुपुदाना ओपी क्षेत्र के सिरी जंगल से जुड़ा है, जहां कुछ दिन पहले एक महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया था। शुरुआती जांच में मामला हत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम और तकनीकी जांच के बाद सामूहिक दुष्कर्म की आशंका और मजबूत हो गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से मिले साक्ष्य और फोरेंसिक जांच के आधार पर यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि घटना में एक से अधिक लोग शामिल थे। इसके बाद जांच को हत्या के साथ-साथ सामूहिक दुष्कर्म के एंगल से भी आगे बढ़ाया गया।
तकनीकी जांच में तीन आरोपियों की भूमिका सामने आई
पुलिस द्वारा घटनास्थल की तकनीकी जांच और हिरासत में लिए गए कुछ युवकों से पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि घटना में तीन युवक शामिल थे।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन पहले लातेहार क्षेत्र में मिली थी। जब पुलिस की टीम वहां पहुंची तो उनके बोकारो की ओर जाने की सूचना मिली।
इसके बाद पुलिस ने बोकारो जिले में भी सघन छापेमारी शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही बड़ी सफलता मिल सकती है।
भाई की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
मामले में मृतका के भाई मुकेश राम ने तुपुदाना ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मुकेश राम रांची के कांके क्षेत्र के निवासी हैं।
उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि 19 जून की शाम लगभग 7 बजे उनकी भांजी रिया कुमारी ने फोन कर जानकारी दी कि उसकी मां दोपहर 12 बजे घर से निकली थीं लेकिन अभी तक वापस नहीं लौटी हैं।
यह जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपनी बहन को कई बार फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में रात करीब 9 बजे भांजी ने बताया कि अब फोन बज रहा है और बात करने की कोशिश की जा सकती है।
जंगल में भटकने की बात कही थी महिला ने
मुकेश राम के अनुसार जब उन्होंने अपनी बहन को फोन किया तो उसने बताया कि वह जंगल में कहीं भटक गई है।
उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने ज्यादा जानकारी लेने की कोशिश की तो फोन किसी युवक को दे दिया गया। उस युवक ने बताया कि वे लोग तीन व्यक्ति हैं। पूछने पर उसने अपना नाम समीर और राहुल बताया।
इसके कुछ देर बाद फोन बंद हो गया और फिर दोबारा संपर्क नहीं हो सका।
यह जानकारी अब पुलिस जांच में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे घटना में शामिल संदिग्धों की संख्या और पहचान को लेकर महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
अगले दिन दर्ज कराई गई गुमशुदगी
मुकेश राम ने बताया कि अगले दिन यानी 20 जून को उन्होंने अपनी बहन को कई बार फोन किया, लेकिन फोन लगातार बंद बता रहा था।
जब दोपहर तक कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने अरगोड़ा थाना पहुंचकर अपनी बहन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसके बाद पुलिस महिला की तलाश में जुट गई, लेकिन अगले दिन जो सूचना मिली उसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
अज्ञात महिला के शव से हुई पहचान
21 जून को अरगोड़ा थाना से परिवार को सूचना मिली कि तुपुदाना क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ है।
इसके बाद परिवार के लोग पुलिस के साथ तुपुदाना पहुंचे। वहां जानकारी मिली कि शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है।
परिजन जब रिम्स पहुंचे और शव की पहचान की गई, तब यह स्पष्ट हुआ कि बरामद शव उनकी लापता बहन का ही है।
इस दृश्य को देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप
मृतका के भाई ने अपनी शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया है कि जिन तीन लोगों ने उनकी बहन से संपर्क किया था, उन्हीं लोगों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।
उन्होंने पुलिस से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
विशेष जांच दल कर रहा जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
इस टीम में तकनीकी विशेषज्ञों, साइबर सेल और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है।
जांच दल मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
पूरे क्षेत्र में आक्रोश
इस घटना के बाद तुपुदाना, कांके और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को और अधिक गंभीर कदम उठाने चाहिए। कई सामाजिक संगठनों ने भी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा।
जल्द खुलासा होने की उम्मीद
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।
तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों की पहचान लगभग सुनिश्चित हो चुकी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
निष्कर्ष
तुपुदाना सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला झारखंड के हालिया वर्षों के सबसे संवेदनशील अपराधों में से एक बन गया है। पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। रांची से लेकर लातेहार और बोकारो तक चल रही छापेमारी इस बात का संकेत है कि पुलिस मामले को लेकर गंभीर है। अब पूरे राज्य की निगाहें आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।