रांची: राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में बड़ा खुलासा होने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। इसी आधार पर मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
इस खुलासे के बाद मामला केवल एक आपराधिक घटना न रहकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले के रूप में देखा जा रहा है। जांच एजेंसियां हमले के पीछे की पूरी साजिश, फंडिंग नेटवर्क और विदेशी संपर्कों की पड़ताल में जुट गई हैं।
पेट्रोल बम हमला बना राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला
गौरतलब है कि रांची के निवरणपुर स्थित RSS कार्यालय पर देर रात पेट्रोल बम फेंके गए थे। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में इसे सुनियोजित साजिश माना गया और विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।
जांच आगे बढ़ने के साथ एजेंसियों को कुछ ऐसे इनपुट मिले, जिनके आधार पर आतंकी एंगल से भी पड़ताल शुरू की गई।
आरोपियों को मिला था टास्क?
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि आरोपियों को कथित रूप से RSS कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दिया गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह निर्देश किस माध्यम से मिला और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि आरोपियों के डिजिटल उपकरणों, मोबाइल डेटा और संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। विदेशी नंबरों और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की भी पड़ताल हो रही है।
UAPA लगने के बाद बढ़ी आरोपियों की मुश्किलें
मामले में UAPA की धाराएं जोड़े जाने के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। UAPA आमतौर पर उन मामलों में लगाया जाता है, जहां देश की सुरक्षा, आतंकवादी गतिविधियों या राष्ट्रविरोधी साजिश की आशंका होती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है।
कई एजेंसियां कर रहीं संयुक्त जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य पुलिस के अलावा केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह हमला किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या स्थानीय स्तर पर संचालित साजिश।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
राजनीतिक हलकों में भी हलचल
RSS कार्यालय पर हमले और उसके कथित विदेशी कनेक्शन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं और आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।