बिहार सरकार राज्य में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। नई चीनी मिलों की स्थापना से पहले गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिन क्षेत्रों में अब तक गन्ने की खेती नहीं होती थी, वहां के किसानों को पांच एकड़ तक गन्ना खेती के लिए निशुल्क गन्ना बीज दिया जाएगा।
यह निर्णय गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिन इलाकों में गन्ना उत्पादन नहीं है, वहां खेती को विकसित किया जाएगा और किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
15 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी गन्ना किसानों का 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही गन्ना किसानों के बकाया मूल्य का भुगतान भी 15 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
योजनाओं की समीक्षा, किसानों तक लाभ पहुंचाने पर जोर
बैठक के दौरान ईख मूल्य भुगतान, मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यांत्रिकरण योजना, गुड़ प्रोत्साहन योजना, चीनी मिलों की समस्याएं और नई चीनी मिलों की स्थापना समेत अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने कहा कि प्रमाणित बीज उत्पादन प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करना होगा। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और संबंधित लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
जलजमाव से मुक्ति के लिए 72 योजनाएं चिन्हित
गन्ना कृषि क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए जल संसाधन विभाग और गन्ना उद्योग विभाग ने संयुक्त समीक्षा की। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर जिलों में अब तक 72 योजनाएं चिन्हित की गई हैं, जिनके क्रियान्वयन से 61,590 एकड़ गन्ना क्षेत्र को जलजमाव से मुक्ति मिलेगी।
जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एस. के. मल्ल ने सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूरा कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को जल्द राहत मिल सके।
बैठक में संयुक्त गन्ना आयुक्त जेपीएन सिंह, सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक, उपनिदेशक, सहायक निदेशक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।