रांची/नई दिल्ली। झारखंड में JPSC-JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सियासत तेज हो गई है। संसद भवन परिसर के मकर द्वार पर झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में झारखंड NDA और ओडिशा के सांसदों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसदों ने राहुल गांधी और कांग्रेस से झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर जवाब मांगा।

प्रदर्शन के दौरान सांसदों के हाथों में राहुल गांधी के खिलाफ तख्तियां थीं। भाजपा नेताओं ने झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा।

आदित्य साहू बोले- छात्रों के मुद्दे पर राहुल गांधी की चुप्पी क्यों?

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर कई बार पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के दौरान छात्राओं और मीडिया कर्मियों के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड के छात्रों के अधिकारों को लेकर कांग्रेस को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

'JPSC-JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं की हो CBI जांच'

आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांगों में पिछले वर्षों में हुई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की जांच शामिल है। उन्होंने कहा कि JPSC, JSSC, CGL और उत्पाद सिपाही परीक्षा समेत पिछले सात वर्षों में हुई भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने छात्रों से फोन पर बातचीत तो की, लेकिन उनकी मांगों को लेकर राज्य सरकार पर पर्याप्त दबाव नहीं बनाया।

'मांग पूरी करवाएं या हेमंत सरकार से नाता तोड़ें'

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी को लेकर कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ है तो उसे हेमंत सोरेन सरकार के सामने छात्रों की मांग रखने चाहिए।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों की मांग पूरी करवाएं या फिर हेमंत सरकार से समर्थन वापस लें। आदित्य साहू ने कांग्रेस पर झारखंड सरकार के साथ सत्ता में रहते हुए छात्रों के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस झारखंड में सरकार का हिस्सा है और इसलिए छात्र आंदोलन के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ खुलकर नहीं बोल रही है।

आधी रात धरनास्थल पहुंचने पर भी सरकार पर हमला

आदित्य साहू ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को रांची के धरनास्थल पर DC और SSP समेत भारी पुलिस बल पहुंचा और आंदोलनकारियों को हटाने की कोशिश की गई।

उन्होंने दावा किया कि आंदोलन स्थल की बिजली काटने और छात्रों को हटाने का प्रयास किया गया। भाजपा नेताओं के धरनास्थल पहुंचने के बाद प्रशासन के पीछे हटने को उन्होंने सरकार की मंशा का प्रमाण बताया।

हालांकि, प्रशासन की ओर से पहले कहा गया है कि पुलिस टीम छात्रों को हिरासत में लेने के लिए नहीं पहुंची थी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और आंदोलन स्थल पर मौजूद बाहरी या संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए अधिकारी पहुंचे थे।

'छात्रों की आवाज दबाने नहीं देंगे'

आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों की आवाज को पुलिस कार्रवाई या दबाव के जरिए नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती होने पर भाजपा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।

उन्होंने कहा कि युवाओं के अधिकार और न्याय की इस लड़ाई में भाजपा पूरी मजबूती के साथ छात्रों के साथ खड़ी है।

कई सांसद प्रदर्शन में रहे मौजूद

संसद भवन परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, विद्युत वरण महतो, बीडी राम, डॉ. प्रदीप वर्मा, चंद्रप्रकाश चौधरी, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह समेत ओडिशा के कई सांसद भी मौजूद रहे।

JPSC-JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं को लेकर झारखंड में जारी छात्र आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। भाजपा लगातार सरकार पर निशाना साध रही है, वहीं छात्रों की ओर से परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग जारी है।