रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते को सीआईडी ने नोटिस जारी कर 28 जुलाई को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उनसे 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में पूछताछ की जाएगी।
इससे पहले सीआईडी की टीम ने कांके रोड स्थित उनके सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय में उनके कक्ष पर छापेमारी की थी। करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान जांच अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की और एल. ख्यांगते से प्रारंभिक पूछताछ भी की। इसी दौरान जेपीएससी कार्यालय के साथ-साथ परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया गया था।
OMR शीट और डिजिटल साक्ष्य किए गए जब्त
जांच के दौरान सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज, ओएमआर शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए। वहीं, टीडीपीएल कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित कई अहम रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए हैं।
इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के करीबी अरविंद मंडल को भी गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट से गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
एल. ख्यांगते ने आरोपों से किया इनकार
इधर, एल. ख्यांगते ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में सभी निर्णय नियमों के अनुरूप लिए और यदि किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति या एजेंसी दोषी पाई जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
छापेमारी के बाद दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि एल. ख्यांगते ने 6 मार्च 2025 को झारखंड लोक सेवा आयोग के चेयरमैन का पदभार संभाला था। हालांकि, सीआईडी की छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब 28 जुलाई को होने वाली पूछताछ के बाद इस बहुचर्चित मामले की जांच में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।