रांची। झारखंड सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देते हुए सरकारी न्यायालयीन मामलों के प्रबंधन को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में 'विधि पोर्टल 2.0' का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया है। इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब सरकारी मुकदमों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और न्यायालयों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा सकेगी।
झारखंड हाईकोर्ट के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के महाधिवक्ता रोहिताश्य रॉय ने पोर्टल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आईटी विभाग की सचिव पूजा सिंघल, विधि विभाग के सचिव नीरज कुमार श्रीवास्तव, वरीय अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) अच्युत केशव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विकसित यह पोर्टल झारखंड सरकार की डिजिटल गवर्नेंस पहल का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य सरकारी मुकदमों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, समयबद्ध और प्रभावी बनाना है।
सरकारी मुकदमों की निगरानी अब होगी पूरी तरह डिजिटल
अब तक सरकारी विभागों को किसी भी न्यायालयीन मामले की जानकारी जुटाने के लिए अलग-अलग माध्यमों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे कई बार सूचना में देरी होती थी और समय पर कार्रवाई प्रभावित होती थी।
'विधि पोर्टल 2.0' के माध्यम से अब सभी संबंधित विभाग, विधि विभाग, महाधिवक्ता कार्यालय और सरकारी अधिवक्ता एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े रहेंगे। इससे किसी भी सरकारी मुकदमे की वर्तमान स्थिति, अगली सुनवाई की तारीख, संबंधित दस्तावेज और आवश्यक कार्रवाई की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी जवाबदेही
इस पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता Real-Time Monitoring System है। इसके जरिए अधिकारी किसी भी मामले की लाइव स्थिति देख सकेंगे। यदि किसी मुकदमे में अगली सुनवाई निर्धारित होती है या किसी दस्तावेज की आवश्यकता होती है, तो संबंधित अधिकारी को तुरंत सूचना मिल जाएगी।
पोर्टल में Automated Alerts की सुविधा भी दी गई है, जिससे सुनवाई की तारीख, आवश्यक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेंगे। इससे मामलों में अनावश्यक देरी कम होगी और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
आधुनिक तकनीक से लैस है 'विधि पोर्टल 2.0'
झारखंड सरकार ने इस पोर्टल को आधुनिक डिजिटल तकनीकों से सुसज्जित किया है। इसमें Smart Workflow, Advanced Analytics, Executive Dashboard और Centralized Notice Management जैसी कई सुविधाएं शामिल की गई हैं।
इन तकनीकों की मदद से विभागीय अधिकारी मुकदमों की स्थिति का विश्लेषण कर सकेंगे और बेहतर रणनीति तैयार कर पाएंगे। इससे सरकारी पक्ष को न्यायालयों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में भी मदद मिलेगी।
20 से अधिक नए फीचर्स जोड़े गए
सरकार ने इस नए संस्करण में 20 से अधिक महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधाएं शामिल की हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
- e-Courts सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन
- Smart Cause List
- Daily एवं Weekly Case Digest
- Executive Dashboard
- Centralized Notice Management
- Mobile App Support
- बेहतर डेटा एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग सिस्टम
इन सुविधाओं के माध्यम से अधिकारियों को सभी आवश्यक सूचनाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी, जिससे कार्यप्रणाली अधिक तेज और व्यवस्थित बनेगी।
भविष्य में जुड़ेगी AI आधारित कानूनी सुविधा
झारखंड सरकार भविष्य में इस पोर्टल में Artificial Intelligence (AI) आधारित Legal Analysis फीचर भी जोड़ने की योजना बना रही है।
AI तकनीक की मदद से मुकदमों का विश्लेषण अधिक तेजी और सटीकता से किया जा सकेगा। इससे अधिकारियों को कानूनी रणनीति बनाने, समान मामलों का अध्ययन करने और निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
यदि यह सुविधा लागू होती है तो झारखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो सकता है जहां सरकारी मुकदमों के प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया डिजिटल गवर्नेंस की बड़ी उपलब्धि
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाधिवक्ता रोहिताश्य रॉय ने कहा कि 'विधि पोर्टल 2.0' सरकारी मुकदमों की प्रभावी निगरानी और न्यायालयों में बेहतर पैरवी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे विभागों के बीच समन्वय मजबूत होगा और न्यायालयीन मामलों के निपटारे में गति आएगी।
वहीं आईटी विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि यह पोर्टल तकनीक आधारित पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था की दिशा में झारखंड सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकारी मुकदमों के प्रबंधन में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही तीनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
अधिकारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
सरकार ने पोर्टल के सफल संचालन के लिए चरणबद्ध तरीके से अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की योजना भी बनाई है।
प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित विभागों के उपयोगकर्ताओं को पोर्टल की सभी डिजिटल सुविधाओं के उपयोग की जानकारी दी जाएगी ताकि इसका अधिकतम लाभ उठाया जा सके और कार्यप्रणाली पूरी तरह डिजिटल हो सके।
डिजिटल झारखंड की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। 'विधि पोर्टल 2.0' इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे न केवल सरकारी मुकदमों की निगरानी आसान होगी बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होगी।
यह पोर्टल न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा, समय पर जवाब दाखिल करने और विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।