रांची। झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक ऐसी सनसनीखेज डकैती को अंजाम दिया है, जिसने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तापे गांव स्थित एक बड़े राइस मिल और कोल्ड ड्रिंक्स गोदाम में करीब 20 से 22 हथियारबंद अपराधी देर रात घुसे और लगभग पांच घंटे तक पूरे परिसर में आतंक मचाते रहे। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों को बंधक बनाया, उनके साथ मारपीट की, मालिक के अपहरण की धमकी दी और 3 लाख 35 हजार रुपये नकद, ट्रांसफार्मर का कॉपर वायर तथा गोदाम में रखी कोल्ड ड्रिंक्स की बड़ी खेप लूटकर फरार हो गए।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
देर रात हथियारों से लैस होकर पहुंचे अपराधी
जानकारी के अनुसार यह घटना 10 जुलाई की रात करीब 10:45 बजे हुई। अपराधी एक पिकअप वैन सहित दो वाहनों से राइस मिल परिसर में पहुंचे। सभी ने अपने चेहरे और सिर को काले कपड़े से ढंक रखा था ताकि उनकी पहचान न हो सके। उनके पास पिस्तौल, चाकू और अन्य घातक हथियार थे।
परिसर में प्रवेश करते ही अपराधियों ने सबसे पहले वहां मौजूद कर्मचारी अनिल सिंह को पकड़ लिया। उनसे मिल मालिक, कर्मचारियों और परिसर की पूरी जानकारी ली गई। इसके बाद उनके हाथ-पैर बांधकर उन्हें पीएलसी रूम में बंद कर दिया गया।
लॉकर तक सीधे पहुंचे डकैत
इसके बाद अपराधी उस कमरे तक पहुंचे जहां कर्मचारी विनीत सिंह मौजूद थे। उन्होंने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया, विनीत के साथ मारपीट की और लॉकर की चाबी छीन ली।
लॉकर खोलकर अपराधियों ने 3 लाख 35 हजार रुपये नकद निकाल लिए। इसके बाद विनीत सिंह को भी बांधकर पैनल रूम में बंद कर दिया गया।
घटना से यह आशंका भी जताई जा रही है कि अपराधियों को मिल की आंतरिक व्यवस्था और लॉकर की लोकेशन की पहले से जानकारी थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
पांच घंटे तक चलता रहा आतंक
पीड़ित आदित्य सिंह के अनुसार अपराधी रात 11 बजे से सुबह करीब 4 बजे तक परिसर में मौजूद रहे।
इतने लंबे समय तक अपराधियों ने आराम से पूरे परिसर की तलाशी ली, नकदी लूटी, ट्रांसफार्मर को क्षतिग्रस्त कर उसमें लगा कॉपर वायर निकाल लिया और गोदाम में रखी कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों को भी अपने वाहनों में भर लिया।
जाते-जाते उन्होंने कर्मचारियों को धमकी दी कि यदि घटना की सूचना पुलिस को दी गई या किसी ने विरोध किया तो मिल मालिक का अपहरण कर लिया जाएगा।
दो वाहनों में भरकर ले गए सामान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपराधी लूट का सामान दो वाहनों में भरकर फरार हुए। नकदी के अलावा कॉपर वायर और बड़ी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक्स भी अपने साथ ले गए।
फिलहाल पुलिस पूरे नुकसान का आकलन कर रही है। आशंका है कि चोरी गए सामान की कुल कीमत शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक हो सकती है।
2023 में भी बना था राइस मिल निशाना
स्थानीय लोगों ने बताया कि इसी राइस मिल परिसर में वर्ष 2023 में भी बड़ी डकैती हुई थी, जिसमें लाखों रुपये की संपत्ति लूट ली गई थी।
लगातार दूसरी बड़ी घटना ने उद्योग संचालकों और व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत है।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
मिल संचालक आदित्य सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अपराधियों की तलाश करने के बजाय पुलिस ने पूछताछ के नाम पर कर्मचारी विनीत सिंह को थाने बुलाया और करीब 10 घंटे तक पूछताछ की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
कर्मचारी ने भी जताई नाराजगी
कर्मी विनीत सिंह ने कहा कि उन्होंने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दे दी है, लेकिन अपराधियों को पकड़ने के बजाय उन्हीं से लगातार पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इससे उन्हें मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है और पुलिस को असली अपराधियों की गिरफ्तारी पर ध्यान देना चाहिए।
पुलिस ने क्या कहा?
ओरमांझी थाना के प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि विनीत सिंह को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उनके साथ किसी प्रकार की मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं किया गया। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है।
अंदरूनी जानकारी की जांच भी जारी
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अपराधियों को मिल की संरचना, लॉकर और नकदी रखने की जगह की सटीक जानकारी कैसे मिली।
यदि जांच में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारियों में बढ़ी चिंता
घटना के बाद ओरमांझी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र के व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अपराधियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उद्योगों में काम करने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे।
व्यापारियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
निष्कर्ष
ओरमांझी के तापे गांव स्थित राइस मिल और कोल्ड ड्रिंक्स गोदाम में हुई यह डकैती झारखंड में कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जा रही है। करीब 22 हथियारबंद अपराधियों का पांच घंटे तक परिसर में रहना और आराम से लूटपाट कर फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल डकैती का खुलासा कब तक कर पाती है।