रांची: राजधानी रांची की पहचान बन चुके रातू रोड का नाम बदलकर 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड' किए जाने की चर्चा इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में तेज हो गई है। शहर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक मार्गों में शामिल रातू रोड का नाम बदलने की मांग सामने आने के बाद इस मुद्दे पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

हाल के दिनों में रातू रोड फ्लाईओवर के उद्घाटन और इस क्षेत्र के विकास कार्यों के बीच सड़क के नामकरण का विषय भी चर्चा का केंद्र बन गया है। समर्थकों का कहना है कि देश के महान शिक्षाविद, राष्ट्रवादी नेता और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सम्मान में इस महत्वपूर्ण मार्ग का नाम रखा जाना चाहिए।

वहीं दूसरी ओर कुछ सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का मानना है कि 'रातू रोड' केवल एक सड़क का नाम नहीं बल्कि रांची की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। वर्षों से यह नाम शहर की पहचान बना हुआ है, इसलिए किसी भी तरह के नाम परिवर्तन से पहले व्यापक जनमत लिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि इससे पहले भी विभिन्न सरकारी संस्थानों और परियोजनाओं का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जा चुका है। रांची में स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) भी इसका प्रमुख उदाहरण है।

हालांकि, रातू रोड का नाम बदलने को लेकर अब तक राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। फिलहाल यह विषय चर्चाओं और प्रस्तावों तक ही सीमित है। यदि सरकार इस संबंध में कोई औपचारिक निर्णय लेती है, तो उसके बाद ही नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो यह आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति का एक अहम मुद्दा बन सकता है।