रांची। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। रांची में चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच चार और छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसके साथ ही अब कुल पांच छात्र-छात्राएं अनशन पर हैं। इसी बीच 14वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच कर रही CID ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
चार और छात्रों ने शुरू की भूख हड़ताल
आंदोलन को और तेज करते हुए सविता कुमारी, राहुल, उमा हबीबा और रूपेश पाल ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना अनशन जारी रखेंगे।
भूख हड़ताल शुरू होने से पहले डॉक्टरों की टीम धरनास्थल पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। पिछले दो दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भी मेडिकल जांच की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य बताई गई।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा समेत कई भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं हुई हैं।
छात्र पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन को हाल के दिनों में कई छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिला है।
CID ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार
इधर, 14वीं JPSC परीक्षा अनियमितता मामले की जांच कर रही CID ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार के रूप में हुई है।
CID के अनुसार, यह कार्रवाई थाना कांड संख्या 16/26 के तहत की गई है। जांच के दौरान डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे नए तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अब तक 14 गिरफ्तार
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
जांच के दौरान JPSC कार्यालय, परीक्षा से जुड़ी एजेंसी TDPL और अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की गई है। आयोग के अधिकारियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है। CID अब कथित अनियमितताओं से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
सरकार ने जांच पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील की
राज्य सरकार का कहना है कि पूरे मामले की CID जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन और भूख हड़ताल जारी रहेगा।
JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा यह विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ झारखंड में एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।