मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी जिले के रक्सौल प्रखंड में बाढ़ के पानी और नहर के तेज कटाव के कारण रक्सौल-घोड़ासहन नहर कैनाल रोड का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। सिसवा पंचायत के जयमंगलापुर गांव के पास सोमवार रात नहर में तेज कटाव के कारण करीब 20 मीटर से अधिक सड़क बह गई। इसके बाद इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित

सड़क टूटने से आसपास के दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है। वहीं नहर का पानी आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की।

ग्रामीणों ने नहर विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए सड़क की जल्द मरम्मत और कटाव रोकने की मांग की है। फिलहाल लोगों को वैकल्पिक रूप से सैनिक रोड से आंशिक राहत मिल रही है।

लगातार पानी के रिसाव से कमजोर हुई सड़क

स्थानीय लोगों के अनुसार, खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सड़क के नीचे होम पाइप लगाया गया था। पाइप के आसपास लंबे समय से पानी का रिसाव हो रहा था। लगातार बढ़ते जलदबाव के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर होती गई और तेज बहाव के चलते सड़क का बड़ा हिस्सा नहर में समा गया।

ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने समय रहते विभाग को रिसाव की जानकारी दी थी, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई।

सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न

सड़क टूटने के बाद नहर का पानी खेतों में फैल गया। इससे सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

सड़क बंद होने से स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मरम्मत के लिए टीम मौके पर पहुंची

जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता इफ्तेखार इमाम ने बताया कि विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण कर रही है। कटाव रोकने और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में जल प्रवाह की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि आगे किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।

नेपाल में बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

उधर, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।