रांची। झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के सभी पासपोर्ट सेवा केंद्रों और पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। धमकी ई-मेल के माध्यम से मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड), साइबर सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तत्काल अलर्ट मोड में आ गईं। राजधानी रांची के गैलेक्सिया मॉल स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में सुरक्षा एजेंसियों ने पहुंचकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया और पूरे परिसर की गहन जांच की।
प्रारंभिक जांच में अब तक किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रही हैं। पूरे मामले की तकनीकी और सुरक्षा दोनों स्तरों पर जांच जारी है।
ई-मेल से मिली धमकी, तुरंत हरकत में आया प्रशासन
जानकारी के अनुसार, पासपोर्ट कार्यालयों को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें कार्यालयों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। ई-मेल मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही रांची पुलिस ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय किया। सुखदेवनगर थाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीम गैलेक्सिया मॉल स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र पहुंची और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
गैलेक्सिया मॉल में चला सघन तलाशी अभियान
धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मॉल के हर हिस्से की बारीकी से जांच की। पासपोर्ट सेवा केंद्र के अलावा आसपास मौजूद दुकानों, कार्यालयों, पार्किंग क्षेत्र, प्रवेश और निकास द्वारों की भी गहन तलाशी ली गई।
बम स्क्वॉड ने विशेष उपकरणों की सहायता से संभावित विस्फोटक सामग्री की जांच की, जबकि डॉग स्क्वॉड ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। कई घंटों तक चले तलाशी अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों की आवाजाही पर विशेष नजर रखी जा रही है।
झारखंड के सभी पासपोर्ट कार्यालयों में बढ़ाई गई सुरक्षा
धमकी केवल रांची तक सीमित नहीं रही, बल्कि झारखंड के अन्य पासपोर्ट सेवा केंद्रों और कार्यालयों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। कार्यालयों में प्रवेश करने वाले लोगों की जांच पहले से अधिक सख्ती के साथ की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सुरक्षा जांच में सहयोग करना आवश्यक होगा।
साइबर सेल कर रही ई-मेल की जांच
धमकी भरे ई-मेल की जांच अब साइबर विशेषज्ञों के हवाले कर दी गई है। पुलिस ने ई-मेल की तकनीकी जानकारी साइबर सेल को सौंप दी है, जो यह पता लगाने में जुटी है कि यह संदेश किस आईपी एड्रेस, सर्वर या डिजिटल माध्यम से भेजा गया।
जांच एजेंसियां ई-मेल की डिजिटल ट्रेल, तकनीकी डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि धमकी भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान की जा सके।
यदि ई-मेल किसी विदेशी सर्वर या वीपीएन के माध्यम से भेजा गया होगा, तो आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी सहायता ली जा सकती है।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब देश के पासपोर्ट कार्यालयों को इस प्रकार की धमकी मिली हो। इससे पहले भी देश के विभिन्न राज्यों के पासपोर्ट कार्यालयों और सरकारी संस्थानों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं।
पिछले मामलों में जांच के बाद कई आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। कई मामलों में धमकियां फर्जी निकली थीं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर सूचना को गंभीरता से लेते हुए जांच करती हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
सुरक्षा एजेंसियां नहीं लेना चाहती कोई जोखिम
अधिकारियों का कहना है कि चाहे धमकी फर्जी ही क्यों न हो, सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा सकती। इसी कारण पूरे मामले को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
बम निरोधक दस्ता, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। संवेदनशील सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पासपोर्ट सेवा पर फिलहाल असर नहीं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा जांच के कारण कुछ समय के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्रों में आने वाले लोगों को अतिरिक्त जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। हालांकि, आवश्यक सुरक्षा उपायों के बाद कार्यालयों में सामान्य कार्य जारी रखने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।
प्रशासन की अपील
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
साथ ही लोगों से सुरक्षा जांच के दौरान सहयोग करने और किसी भी अपुष्ट जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करने की भी अपील की गई है।
जांच जारी, हर पहलू पर नजर
फिलहाल रांची समेत झारखंड के सभी पासपोर्ट कार्यालयों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। साइबर सेल ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है, जबकि पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
प्रारंभिक जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन जब तक ई-मेल भेजने वाले की पहचान नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ जांच जारी रखेंगी। प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।