बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले स्थित बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कोयला लदी एक मालगाड़ी के वैगन में अचानक आग लग गई। घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। हालांकि लोको पायलट की सतर्कता, स्टेशन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सीआईएसएफ फायर टीम की मुस्तैदी के कारण समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी कुशमाही से चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) के लिए कोयला लेकर जा रही थी। आग मालगाड़ी के तीसरे वैगन में लगी, जहां से पहले धुआं उठता दिखाई दिया और देखते ही देखते आग की लपटें निकलने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, डीवीसी प्रबंधन और सीआईएसएफ की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

शिफ्ट बदलने के दौरान सामने आई घटना

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रात करीब 11 बजे लोको पायलट की शिफ्ट बदलने की प्रक्रिया चल रही थी। नए लोको पायलट ने इंजन संख्या 33397 और 33350 से जुड़ी मालगाड़ी का नियमित निरीक्षण किया। इसी दौरान उनकी नजर तीसरे वैगन से उठ रहे धुएं पर पड़ी।

जांच करने पर आग की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्होंने बिना समय गंवाए स्टेशन मास्टर मिथिलेश कुमार यादव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे कंट्रोल रूम को अलर्ट किया गया और आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर दी गई।

लोको पायलट की सतर्कता बनी हादसा टालने की वजह

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि लोको पायलट समय रहते धुआं नहीं देखते, तो आग तेजी से अन्य वैगनों तक फैल सकती थी। मालगाड़ी में बड़ी मात्रा में कोयला लदा था और आग फैलने की स्थिति में रेलवे संपत्ति के साथ-साथ परिचालन पर भी गंभीर असर पड़ सकता था।

लोको पायलट की सूझबूझ और तत्परता के कारण आग शुरुआती अवस्था में ही पकड़ में आ गई, जिससे समय पर बचाव कार्य शुरू किया जा सका।

सीआईएसएफ फायर टीम ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही डीवीसी बोकारो थर्मल यूनिट में तैनात सीआईएसएफ फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

दमकल कर्मियों ने विशेष अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग को दूसरे वैगनों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ी क्षति होने से बच गई।

प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?

स्टेशन मास्टर मिथिलेश कुमार यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कोयले की लोडिंग के दौरान घर्षण या टकराव से निकली चिंगारी के कारण आग लगी होगी।

हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। रेलवे ने घटना की रिपोर्ट संबंधित उच्च अधिकारियों और डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) को भेज दी है।

सुरक्षा के मद्देनजर बदला गया मालगाड़ी का रूट

आग बुझाने के बाद रेलवे ने एहतियात के तौर पर मालगाड़ी का रूट बदलने का निर्णय लिया।

पहले यह ट्रेन चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) जा रही थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (KTPS) के लिए रवाना कर दिया गया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय कोयले के सुरक्षित परिवहन और परिचालन को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया।

रेलवे प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना के बाद रेलवे के तकनीकी अधिकारियों ने वैगन का निरीक्षण किया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

जांच टीम यह पता लगाएगी कि—

  • कोयले की लोडिंग के दौरान कोई तकनीकी चूक हुई थी या नहीं।
  • वैगन में पहले से कोई खराबी थी या नहीं।
  • सुरक्षा मानकों का पालन सही तरीके से किया गया था या नहीं।

जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कोई जनहानि नहीं, परिचालन भी सामान्य

इस घटना में राहत की बात यह रही कि किसी भी रेल कर्मचारी या अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

रेलवे ने आग बुझने के बाद ट्रैक का निरीक्षण कराया और आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद परिचालन को सामान्य कर दिया।

कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ संचालन बाद में पूरी तरह बहाल कर दिया गया।

रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

हालांकि इस घटना में बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इसने रेलवे में माल परिवहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोयला लदी मालगाड़ियों की नियमित तकनीकी जांच, वैगनों का निरीक्षण और लोडिंग प्रक्रिया की गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

रेलवे लगातार सुरक्षा मानकों को मजबूत करने का दावा करता रहा है, लेकिन ऐसी घटनाएं समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता को भी रेखांकित करती हैं।

निष्कर्ष

बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर कोयला लदी मालगाड़ी के एक वैगन में लगी आग ने कुछ देर के लिए रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि लोको पायलट की सतर्कता, स्टेशन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सीआईएसएफ फायर टीम की मुस्तैदी के कारण बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा के मद्देनजर मालगाड़ी का रूट भी बदल दिया गया है। घटना ने एक बार फिर मालगाड़ियों की नियमित तकनीकी जांच और सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।