रांची। राजधानी रांची में भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा और रथ मेले को लेकर आज से 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से रांची ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन और नो-एंट्री की व्यवस्था लागू की है।
प्रशासन का कहना है कि रथयात्रा के दौरान हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु जगन्नाथपुर मंदिर और मेला परिसर पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए इस बार भी विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो और यातायात व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहे।
25 जुलाई तक लागू रहेगी विशेष व्यवस्था
रांची ट्रैफिक पुलिस के अनुसार विशेष यातायात व्यवस्था 16 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसी व्यवस्था के तहत 25 जुलाई को होने वाली रथ वापसी (बुड़ती मेला) के दौरान भी यही ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले निर्धारित रूट की जानकारी अवश्य लें और ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
अलग-अलग क्षेत्रों के लिए पार्किंग की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।
- बिरसा चौक की ओर से आने वाले वाहन – शहीद मैदान में पार्क किए जाएंगे।
- तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की ओर से आने वाले वाहन – प्रभात तारा मैदान में पार्क होंगे।
- तिरिल मोड़ हेलिपैड – अतिरिक्त पार्किंग स्थल के रूप में उपयोग किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि इससे मेला क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ और जाम की समस्या कम होगी।
इन मार्गों पर लागू रहेगी नो-एंट्री
रथयात्रा के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों पर कार, ऑटो, सवारी वाहन और दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
नो-एंट्री वाले प्रमुख मार्ग:
- तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर
- शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर
- प्रभात तारा मैदान तिरमुहान से जगन्नाथपुर बाजार तक
इन मार्गों पर केवल प्रशासनिक, आपातकालीन और अनुमति प्राप्त वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
रिंग रोड जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट
ट्रैफिक पुलिस ने रिंग रोड और शहर के बीच आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं।
बिरसा चौक से रिंग रोड जाने वाले वाहन
सिंह मोड़ → चांदनी चौक → धुर्वा गोलचक्कर → वीर कुंवर सिंह चौक होकर जाएंगे।
एचईसी और विधानसभा क्षेत्र से आने वाले वाहन
शहीद मैदान → शालीमार बाजार → धुर्वा गोलचक्कर → वीर कुंवर सिंह चौक होते हुए रिंग रोड की ओर जाएंगे।
भारी वाहनों के लिए भी अलग व्यवस्था
रिंग रोड से शहर की ओर आने वाले भारी और हल्के वाहनों को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
इसका उद्देश्य रथयात्रा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और भीड़मुक्त बनाए रखना है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल, ट्रैफिक जवान और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। कंट्रोल रूम, मेडिकल सहायता और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
रांची ट्रैफिक पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे:
- निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें।
- प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन ले जाने का प्रयास न करें।
- ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें।
- किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सहायता केंद्र से संपर्क करें।
रथयात्रा में उमड़ेगी भारी भीड़
हर वर्ष की तरह इस बार भी झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से हजारों श्रद्धालुओं के रांची पहुंचने की संभावना है।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक, सुरक्षा, पार्किंग, चिकित्सा और भीड़ नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था की है।
निष्कर्ष
रांची में जगन्नाथपुर रथयात्रा और रथ मेले को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए 25 जुलाई तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी गई है। कई प्रमुख मार्गों पर नो-एंट्री, वैकल्पिक रूट और अलग-अलग पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें ताकि सभी लोग सुरक्षित और सुगम तरीके से रथयात्रा का हिस्सा बन सकें।