रांची। झारखंड की राजधानी रांची में आयकर विभाग (इनकम टैक्स) की अनुसंधान शाखा ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रातू रोड स्थित एक बिल्डर और उससे जुड़ी निर्माण कंपनी के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दोपहर के समय शुरू हुई और देर शाम तक जारी रही। आयकर विभाग की टीम ने बिल्डर के कार्यालय, आवास और निर्माण कंपनी के निदेशकों से जुड़े परिसरों में एक साथ जांच शुरू की।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई बिल्डर पर वास्तविक आय छिपाकर टैक्स चोरी करने की आशंका के आधार पर की गई है। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित वित्तीय अनियमितताओं का दायरा कितना बड़ा है।

टैक्स चोरी की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग को कुछ समय से शिकायतें और वित्तीय सूचनाएं मिल रही थीं कि संबंधित बिल्डर द्वारा आय और लेन-देन का पूरा विवरण कर विभाग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी की वास्तविक आय और कर विवरणी (Income Tax Return) में अंतर हो सकता है।

इन्हीं सूचनाओं के आधार पर अनुसंधान शाखा ने गोपनीय जांच की और पर्याप्त प्रारंभिक जानकारी मिलने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया।

एक साथ कई ठिकानों पर पहुंची टीम

आयकर विभाग की अलग-अलग टीमें एक साथ कई स्थानों पर पहुंचीं। इनमें बिल्डर का कार्यालय, आवास और निर्माण कंपनी के निदेशकों से जुड़े ठिकाने शामिल बताए जा रहे हैं।

तलाशी के दौरान अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेज, बैंक लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े कागजात, डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच शुरू की।

डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे

विभाग केवल कागजी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है। जांच टीम कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों में उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड का भी परीक्षण कर रही है।

आयकर विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कहीं आय, निवेश, संपत्ति खरीद-बिक्री या नकद लेन-देन से जुड़े ऐसे रिकॉर्ड तो नहीं हैं जिन्हें कर विभाग से छिपाया गया हो।

निदेशकों से भी पूछताछ

सूत्रों के अनुसार निर्माण कंपनी के निदेशकों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

जांच अधिकारी कंपनी की आय, परियोजनाओं, निवेश, भुगतान, साझेदारी और खातों से संबंधित जानकारी जुटा रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।

रियल एस्टेट सेक्टर पर विशेष नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़े वित्तीय लेन-देन होने के कारण आयकर विभाग समय-समय पर निगरानी रखता है।

यदि किसी परियोजना, संपत्ति या वित्तीय लेन-देन में घोषित आय और वास्तविक आय के बीच अंतर की आशंका होती है तो विभाग जांच और तलाशी जैसी कार्रवाई कर सकता है।

दस्तावेजों का होगा विस्तृत विश्लेषण

छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।

इसके बाद आयकर विभाग यह तय करेगा कि कहीं कर चोरी, अघोषित आय या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं या नहीं।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आयकर अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग ने नहीं दी आधिकारिक जानकारी

समाचार लिखे जाने तक आयकर विभाग की ओर से कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई थी।

विभागीय अधिकारी आमतौर पर जांच पूरी होने तक ऐसे मामलों में सार्वजनिक टिप्पणी करने से बचते हैं।

शहर में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई

रातू रोड जैसे व्यावसायिक क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई।

व्यापारिक और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि जांच के नतीजे सामने आने तक किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा रहा है।

आगे क्या हो सकता है?

कर विशेषज्ञों के अनुसार यदि तलाशी के दौरान अघोषित आय, नकद लेन-देन या कर चोरी से जुड़े साक्ष्य मिलते हैं तो विभाग विस्तृत मूल्यांकन करेगा।

इसके बाद अतिरिक्त कर, जुर्माना या अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि रिकॉर्ड संतोषजनक पाए जाते हैं तो जांच उसी आधार पर आगे बढ़ेगी।

निष्कर्ष

रांची के रातू रोड स्थित एक बिल्डर और उससे जुड़ी निर्माण कंपनी पर आयकर विभाग की यह कार्रवाई शहर के रियल एस्टेट क्षेत्र की बड़ी घटनाओं में मानी जा रही है। फिलहाल जांच जारी है और विभाग वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टैक्स चोरी के आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला पूरी तरह जांच के दायरे में है और अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।