जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मंगलवार सुबह डोडा जिले के थथरी शहर के ऊपरी इलाकों में अचानक आई बाढ़ के कारण कई घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा। भारी मात्रा में कीचड़, पत्थर और मलबा रिहायशी एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में पहुंच गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान चलाया तथा सड़क संपर्क बहाल करने की कार्रवाई तेज कर दी है।
लगातार बारिश बनी तबाही की वजह
अधिकारियों के अनुसार, पिछले कई दिनों से डोडा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है। मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद थथरी के ऊपरी क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी, कीचड़ और चट्टानें नीचे की ओर बहने लगीं। देखते ही देखते कई इलाकों में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए।
बारिश के साथ आए मलबे ने सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। कई मकानों की दीवारों और दुकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा, जबकि लोगों को अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
कई वाहन मलबे में दबे, कुछ चिनाब नदी में बहने का दावा
अचानक आई बाढ़ का सबसे अधिक असर सड़क किनारे खड़े वाहनों पर देखने को मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई कारें और अन्य वाहन मलबे के नीचे दब गए। वहीं कुछ लोगों का दावा है कि तेज बहाव के कारण कुछ वाहन बहकर चिनाब नदी में चले गए।
हालांकि प्रशासन ने अभी तक प्रभावित वाहनों की संख्या या कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। संबंधित विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं।
डोडा-किश्तवाड़ हाईवे बंद, यातायात प्रभावित
भारी बारिश और मलबे के कारण डोडा-किश्तवाड़ हाईवे का एक हिस्सा पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और कीचड़ जमा होने के कारण हाईवे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
हाईवे बंद होने से दोनों जिलों के बीच यातायात बाधित हो गया और कई वाहन रास्ते में फंस गए। स्थानीय लोगों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया।
लगातार तीसरी बार आई अचानक बाढ़
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दो दिनों के भीतर डोडा और किश्तवाड़ जिलों में अचानक बाढ़ आने की यह तीसरी घटना है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों की मिट्टी कमजोर हो गई है, जिससे बार-बार मलबा और पत्थर नीचे आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार वर्षा के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।
पहले भी हाईवे को हुआ था नुकसान
मंगलवार की घटना से एक दिन पहले भी भारी बारिश के कारण डोडा-किश्तवाड़ हाईवे का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। यह हिस्सा निर्माणाधीन 540 मेगावाट की क्वार जलविद्युत परियोजना के पास स्थित है।
लगातार बारिश और पहाड़ों से आ रहे मलबे के कारण सड़क को नुकसान पहुंचा था, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। इसके बाद प्रशासन ने सड़क की मरम्मत और सफाई का कार्य शुरू कराया था, लेकिन अगले ही दिन फिर भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए।
प्रशासन ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम और अन्य संबंधित विभाग मौके पर पहुंच गए। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से सड़क से कीचड़ और मलबा हटाया गया ताकि यातायात जल्द से जल्द सामान्य हो सके। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने दी जानकारी
डोडा के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण लाल ने बताया कि जिले में बारिश से जुड़ी सभी घटनाओं पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार सुबह थथरी तहसील के प्रेम नगर इलाके में पहाड़ी ढलान से कुछ मिट्टी और मलबा सड़क पर आ गया था। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुबह ही सड़क को साफ कराया और यातायात सामान्य कर दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि चिराला तहसील और बागना लिंक रोड पर भी भारी बारिश के कारण पत्थर और कीचड़ जमा हो गए थे, लेकिन संबंधित टीमों ने समय रहते उन्हें हटाकर मार्ग को फिर से चालू कर दिया।
"क्लाउडबर्स्ट नहीं, भारी बारिश का असर"
डिप्टी कमिश्नर कृष्ण लाल ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना को "क्लाउडबर्स्ट" यानी बादल फटना कहना सही नहीं होगा। उनके अनुसार, यह सामान्य से अधिक भारी बारिश का परिणाम है, जिसकी वजह से पहाड़ी ढलानों से मिट्टी, पत्थर और मलबा नीचे आ गया।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाएं भारी वर्षा के दौरान सामान्य रूप से देखने को मिलती हैं और प्रशासन ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहता है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में लोग जिला कंट्रोल रूम या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के कई पर्वतीय जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में डोडा, किश्तवाड़, रामबन और आसपास के इलाकों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़क बाधित होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
निष्कर्ष
डोडा जिले में भारी बारिश के कारण उत्पन्न हुए बाढ़ जैसे हालात ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को उजागर किया है। हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। फिर भी लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन लोगों से संयम बनाए रखने, आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील कर रहा है।