रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में सोमवार तड़के पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में प्रिंस खान गिरोह का सक्रिय शूटर शिवराज राम उर्फ शिवा गंभीर रूप से घायल हो गया। रांची, धनबाद और रामगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान अपराधी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी।
इनपुट के आधार पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह का शूटर शिवराज राम के पास अवैध हथियार हैं। इसके बाद रांची, धनबाद और रामगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने सयाल क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने भुरकुंडा ओपी क्षेत्र स्थित रिवर साइड भुरकुंडा सेंट्रल स्कूल के जर्जर भवन में हथियार छिपाकर रखे हैं।
हथियार बरामद कराने ले गई थी पुलिस
पुलिस टीम शिवराज राम को साथ लेकर बताए गए स्थान पर पहुंची। जैसे ही वह छिपाए गए हथियार निकालने लगा, उसने अचानक पुलिस टीम पर पिस्टल से हमला कर दिया। आरोपी ने पुलिस को निशाना बनाकर लगातार दो राउंड फायरिंग की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान चली गोली शिवराज राम के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया।
दो पिस्टल, 59 कारतूस और मोबाइल बरामद
घायल आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, 59 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए। यह बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस अब बरामद हथियारों के इस्तेमाल और उनसे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
एक और आरोपी का नाम आया सामने
पूछताछ के दौरान शिवराज राम ने कुजू ओपी क्षेत्र के तोपा हुआग निवासी आरिज आलम के पास भी अवैध हथियार होने की जानकारी दी। पुलिस इस इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी कर रही है।
गिरोह के नेटवर्क की होगी गहन जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद प्रिंस खान गिरोह के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। संयुक्त टीम पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है, ताकि गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके।
यह ऑपरेशन झारखंड पुलिस की संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई का अहम हिस्सा माना जा रहा है।