धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र में स्थित एक पीजी लॉज में कथित तौर पर लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां और देह व्यापार संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद सोमवार को पुलिस ने लॉज पर छापेमारी की। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद दो जोड़े युवक-युवतियां और लॉज संचालक मौके से फरार हो गए।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने लॉज से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है और परिसर को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

यह मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित लॉज में पिछले करीब एक वर्ष से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण यह धंधा लगातार जारी रहा।

स्थानीय लोगों की शिकायत पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार पुराने निरसा थाना क्षेत्र के समीप स्थित एक पीजी लॉज को लेकर स्थानीय लोगों को काफी समय से संदेह था। लोगों का आरोप है कि यहां नियमित रूप से संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा रहता था और देर रात तक गतिविधियां संचालित होती थीं।

स्थानीय नागरिकों ने कई बार लॉज संचालक को इस तरह की गतिविधियां बंद करने की चेतावनी भी दी थी। लेकिन जब स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया तो लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल छापेमारी की योजना बनाई।

एसडीपीओ के नेतृत्व में हुई छापेमारी

सूचना मिलते ही निरसा के एसडीपीओ लीलेश्वर महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही लॉज में मौजूद दो जोड़े युवक-युवतियां वहां से भाग निकले। स्थानीय लोगों के अनुसार भागने के दौरान कुछ लोगों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।

इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर लॉज संचालक भी मौके से फरार हो गया।

पुलिस के पहुंचने पर परिसर की तलाशी ली गई, जहां से कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद होने की बात सामने आई है।

लॉज को किया जा रहा सील

छापेमारी के बाद पुलिस ने लॉज को अपने कब्जे में लेकर उसे सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। यदि जांच में अनैतिक गतिविधियों के संचालन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने लॉज के दस्तावेज और संचालन से जुड़े रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिए हैं।

सीसीटीवी फुटेज से होगी पहचान

स्थानीय लोगों का दावा है कि युवक-युवतियों के भागने की पूरी घटना पास के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।

शिकायतकर्ताओं ने यह फुटेज पुलिस को उपलब्ध करा दिया है।

अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि फरार युवक-युवतियों और लॉज संचालक की पहचान की जा सके।

यदि फुटेज से पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित पीजी लॉज इकबाल अहमद का है, जहां पहले एक रेस्टोरेंट भी संचालित होता था।

उनका कहना है कि पिछले लगभग एक वर्ष से यहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं और कई बार इसकी शिकायत भी की गई थी।

कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि लॉज संचालक पहले साइबर अपराध और जमीन हेराफेरी जैसे मामलों में जेल जा चुका है।

हालांकि पुलिस ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

पुलिस का आधिकारिक बयान

निरसा के एसडीपीओ लीलेश्वर महतो ने बताया कि पुलिस को पीजी लॉज में कथित देह व्यापार संचालित होने की सूचना मिली थी।

उन्होंने कहा कि सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी संदिग्ध लोग फरार हो गए।

एसडीपीओ के अनुसार—

  • लॉज से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।
  • परिसर को सील करने की कार्रवाई की जा रही है।
  • सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार लोगों की पहचान की जाएगी।
  • पूरे मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच का दायरा बढ़ा

पुलिस अब केवल लॉज संचालक की तलाश ही नहीं कर रही है, बल्कि यह भी जांच की जा रही है कि—

  • लॉज में आने-जाने वाले लोगों का रिकॉर्ड रखा जाता था या नहीं।
  • लॉज का संचालन कानूनी नियमों के अनुसार हो रहा था या नहीं।
  • किसी संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं थी।
  • इस गतिविधि में अन्य लोगों की संलिप्तता थी या नहीं।

जरूरत पड़ने पर पुलिस इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर सकती है।

इलाके में बढ़ी चिंता

घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे लॉज, गेस्ट हाउस और होटलों की नियमित जांच कराने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर पुलिस निरीक्षण होता रहे तो इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।

सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने लोगों से की अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी होटल, लॉज या अन्य स्थान पर संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ही इस प्रकार के अवैध कार्यों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

निष्कर्ष

धनबाद के निरसा स्थित पीजी लॉज में कथित देह व्यापार की सूचना पर हुई पुलिस कार्रवाई ने इलाके में सनसनी फैला दी है। हालांकि छापेमारी से पहले ही संदिग्ध युवक-युवतियां और लॉज संचालक फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने आपत्तिजनक सामग्री बरामद कर परिसर को सील कर दिया है। अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।