Ranchi: झारखंड की सियासी पिच पर राज्यसभा चुनाव का मुकाबला इस बार उम्मीद से कहीं ज्यादा नाटकीय और चौंकाने वाला रहा. सत्ता के गलियारों में चल रही शह और मात के खेल के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने शानदार बाजी मार ली है. वहीं, बड़े-बड़े रणनीतिकारों को मैदान में उतारने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. इस चुनाव ने न सिर्फ झारखंड की दो राज्यसभा सीटों का फैसला किया, बल्कि सूबे की राजनीति में क्रॉस वोटिंग के जिन्न को एक बार फिर जगा दिया है.

चुनावी नतीजों ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन की एकजुटता की कलई खोलकर रख दी है, जिससे आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सत्ताधारी खेमे में बेचैनी बढ़ना तय है.