Ranchi में SSC GD ऑनलाइन परीक्षा के दौरान बड़ा साइबर फर्जीवाड़ा सामने आया है। टाटीसिलवे स्थित परीक्षा केंद्र में कंप्यूटर सिस्टम हैक कर अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का खेल चल रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में इस पूरे रैकेट के तार बिहार से जुड़े होने की बात सामने आई है।
रिमोट एक्सेस से हल हो रहे थे सवाल
जानकारी के अनुसार टाटीसिलवे थाना क्षेत्र के डोल बगीचा स्थित Genius Institute of Technology में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की GD/Constable CAPF परीक्षा आयोजित की जा रही थी।
परीक्षा के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट एक्सेस के जरिए हैक किया जा रहा है। जांच में पता चला कि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले एक अभ्यर्थी का कंप्यूटर सिस्टम इनविजिलेटर के कहने पर रीस्टार्ट कराया गया था, जबकि परीक्षा नियमों में इसकी अनुमति नहीं है।
सिस्टम रीस्टार्ट होते ही पुलिस को शक हुआ कि स्क्रीन मिररिंग और रिमोट एक्सेस के जरिए बाहर बैठकर प्रश्न हल कराए जा रहे हैं।
“10 लाख दो और परीक्षा पास करो” का खेल
ग्रामीण एसपी Gaurav Goswami ने बताया कि गिरफ्तार अभ्यर्थी मृत्युंजय कुमार यादव और इनविजिलेटर संजीत कुमार से पूछताछ में पूरे रैकेट का खुलासा हुआ।
दोनों ने बताया कि परीक्षा केंद्र के सामने किराए के मकान में सेंटर अधीक्षक विकास कुमार और आईटी कर्मी मुन्ना राज बैठकर इंटरनेट और IP एड्रेस के जरिए परीक्षा सिस्टम को हैक कर रहे थे।
इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- 1 कंप्यूटर सिस्टम
- 3 मोबाइल फोन
- 2 अभ्यर्थियों के ब्लैंक चेक
- मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र
- कई आपत्तिजनक दस्तावेज
बरामद किए हैं।
बिहार से जुड़ा है पूरा नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बिहार के बिचौलियों के जरिए अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई जाती थी। परीक्षा पास कराने के बदले 6 से 10 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
रांची में दूसरा बड़ा मामला
रांची में SSC GD परीक्षा में गड़बड़ी का यह मई महीने में दूसरा मामला है। इससे पहले पंडरा ओपी क्षेत्र में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया था, जहां 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
उस मामले में भी कंप्यूटर सिस्टम को मास्टर कंप्यूटर से हैक कर सवाल खुद-ब-खुद हल किए जा रहे थे, जबकि अभ्यर्थी केवल स्क्रीन के सामने बैठे रहते थे।
परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।