रांची में मॉनिटर लिजार्ड के अंगों की कथित तस्करी मामले में गिरफ्तार भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव रंजन मिश्रा उर्फ चुन्नू मिश्रा को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। रांची सिविल कोर्ट ने उन्हें और उनके बेटे को जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी देखी जा रही है।

 

बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद चुन्नू मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद यह मामला काफी चर्चाओं में रहा, क्योंकि आरोपी भाजपा से जुड़े होने के साथ-साथ कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

 

जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अधिकारियों को मॉनिटर लिजार्ड के अंगों की अवैध तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। इसी दौरान भाजपा नेता राजीव रंजन मिश्रा उर्फ चुन्नू मिश्रा और उनके बेटे को हिरासत में लिया गया था।

 

जांच एजेंसियों का आरोप था कि मॉनिटर लिजार्ड के अंगों की खरीद-बिक्री और तस्करी से जुड़ा नेटवर्क सक्रिय था। हालांकि, आरोपी पक्ष लगातार खुद को निर्दोष बताते रहा।

कोर्ट से मिली जमानत

 

शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिविल कोर्ट ने चुन्नू मिश्रा और उनके बेटे को जमानत देने का आदेश दिया।

 

कोर्ट के फैसले के बाद परिवार और समर्थकों ने राहत की सांस ली। वहीं दूसरी ओर, जांच एजेंसियां अब भी मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई हैं।

सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

 

चुन्नू मिश्रा रांची के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया था।

 

भाजपा नेताओं और समर्थकों का कहना है कि कानून पर उन्हें पूरा भरोसा है और न्यायालय के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं विपक्षी दल इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

वन्यजीव तस्करी पर सख्ती जारी

 

वन विभाग और जांच एजेंसियों का कहना है कि वन्यजीवों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मॉनिटर लिजार्ड जैसे संरक्षित जीवों की तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।