नई दिल्ली/ देश की 24 राज्यसभा सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव की तारीखों का चुनाव आयोग ने ऐलान कर दिया है। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा। इन चुनावों के साथ कई बड़े नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों का राजनीतिक भविष्य भी चर्चा में आ गया है।


18 जून को होगी वोटिंग
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक:
- 1 जून 2026 को अधिसूचना जारी होगी
- 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे
- 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी
- 11 जून तक नाम वापस लिए जा सकेंगे
- 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा
- इसी दिन शाम से मतगणना शुरू होगी
- 20 जून तक पूरी चुनाव प्रक्रिया समाप्त कर ली जाएगी
कई बड़े नेताओं का खत्म हो रहा कार्यकाल
इस बार कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, वरिष्ठ कांग्रेस नेता Digvijaya Singh, पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda, केंद्रीय मंत्री Ravneet Singh Bittu और George Kurian समेत कई नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
22 रिटायर होने वाले सांसदों में 11 बीजेपी और 4 कांग्रेस के सांसद शामिल हैं।
किन राज्यों में कितनी सीटें?
- कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात से 4-4 सीटें खाली होंगी
- राजस्थान और मध्य प्रदेश से 3-3 सीटों पर चुनाव होगा
- झारखंड, मणिपुर, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश से 1-1 सीट खाली होगी
इसके अलावा झारखंड, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में कुछ सीटों पर उपचुनाव की संभावना भी जताई जा रही है।
केंद्रीय मंत्रियों पर टिकी निगाहें
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। माना जा रहा है कि पंजाब चुनाव को देखते हुए बीजेपी उन्हें दोबारा राज्यसभा भेज सकती है।
वहीं अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कूरियन का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार केरल चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी उनके नाम पर फिर विचार कर सकती है।
खरगे और दिग्विजय सिंह पर सस्पेंस
कर्नाटक में कांग्रेस की स्थिति मजबूत मानी जा रही है और यहां से मल्लिकार्जुन खरगे का दोबारा राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
हालांकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण है। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पहले ही दोबारा राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं, ऐसे में पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगा सकती है।
गुजरात में कांग्रेस को बड़ा झटका
गुजरात में कांग्रेस की स्थिति बेहद कमजोर मानी जा रही है। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए जहां 46 वोटों की जरूरत है, वहीं कांग्रेस के पास केवल 12 विधायक हैं। ऐसे में पहली बार गुजरात से कांग्रेस का कोई राज्यसभा सांसद नहीं होने की संभावना जताई जा रही है।
झारखंड में बढ़ी सियासी हलचल
झारखंड में कांग्रेस की उम्मीदें सत्तारूढ़ Shibu Soren की पार्टी जेएमएम पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि गठबंधन के तहत एक सीट कांग्रेस को मिल सकती है। चुनाव की घोषणा के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।