रांची: Jharkhand के खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं की कमी के बावजूद यहां के खिलाड़ी लगातार पदक जीत रहे हैं। खासकर साइकिलिंग में झारखंड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

हालांकि, महंगे इक्विपमेंट और बेहतर सुविधाओं की कमी अब इन खिलाड़ियों के सपनों के बीच सबसे बड़ी बाधा बनती जा रही है।

एक साल में जीते 34 राष्ट्रीय पदक

झारखंड के साइकिलिंग खिलाड़ियों ने वर्ष 2025-26 में अब तक राष्ट्रीय स्तर पर कुल 34 पदक अपने नाम किए हैं। इनमें 11 स्वर्ण, 14 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं।

सबसे खास बात यह रही कि लड़कियों ने सबसे अधिक 9 स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। वहीं लड़कों ने 3 स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

इन खिलाड़ियों में सरिता कुमारी, नारायण महतो, विकास उरांव, सबीना कुमारी, आमिर रियाज और निकिता सोरेन जैसे नाम शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चमके खिलाड़ी

एशियन साइकिलिंग चैंपियनशिप में झारखंड के खिलाड़ियों ने कुल 13 पदक जीते हैं। इसमें 3 स्वर्ण और 5 कांस्य पदक शामिल हैं।

लड़कों ने दो स्वर्ण जबकि लड़कियों ने एक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर संसाधन मिलने पर यह आंकड़ा और ज्यादा हो सकता था।

7 लाख बनाम 17 लाख की साइकिल

राष्ट्रीय स्तर तक तो खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर मुकाबला कर लेते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगे उपकरणों की कमी उन्हें पीछे कर देती है।

जहां विदेशी खिलाड़ी 17 लाख रुपये की अत्याधुनिक साइकिल के साथ प्रतियोगिता में उतरते हैं, वहीं झारखंड के अधिकांश खिलाड़ी 7 लाख रुपये की साइकिल से मुकाबला करने को मजबूर हैं।

नई साइकिल मिली तो सरिता ने जीता गोल्ड

लोहरदगा की रहने वाली सरिता कुमारी की कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल बन गई है। राजमिस्त्री पिता की बेटी सरिता को झारखंड सरकार ने इस वर्ष 17 लाख रुपये की नई साइकिल उपलब्ध कराई।

नई साइकिल मिलने के बाद सरिता ने 2026 एशियन साइकिलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन किया।

सुविधाओं की कमी से पीछे रह गए कई खिलाड़ी

निकिता सोरेन, विकास उरांव और सबीना कुमारी जैसे कई खिलाड़ी पुराने उपकरणों की वजह से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और उपकरण मिलें, तो झारखंड के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर और बड़ा इतिहास रच सकते हैं।

महंगे हैं साइकिलिंग के उपकरण

  • साइकिल : 7 लाख से 17 लाख रुपये तक
  • हेलमेट : 60 हजार से 1.5 लाख रुपये तक
  • जूते : 80 हजार से 2.5 लाख रुपये तक

झारखंड साइकिलिंग एसोसिएशन के महासचिव शैलेंद्र कुमार पाठक ने कहा कि यहां के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ बेहतर संसाधन और आधुनिक इक्विपमेंट उपलब्ध कराने की है।