रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित कोकर खोरहा टोली से लापता हुई 18 माह की मासूम अदिति की तलाश लगातार जारी है। बच्ची को खोजने के लिए पुलिस, एनडीआरएफ और तकनीकी टीम लगातार अभियान चला रही है। बुधवार को पुलिस ने बच्ची के घर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया और हर एंगल से मामले की जांच शुरू की।

पुलिस ने दोबारा समझी घटना की पूरी परिस्थिति

सदर थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ दोपहर करीब 12 बजे अदिति के घर पहुंचे। पुलिस ने यह जानने की कोशिश की कि बच्ची किस तरह खेल रही थी, उस समय घर में कौन-कौन मौजूद था और आसपास क्या गतिविधियां चल रही थीं।

जानकारी के अनुसार घटना के समय परिवार के करीब सात सदस्य घर में मौजूद थे और पांच बच्चे एक साथ खेल रहे थे। पुलिस ने परिवार की महिलाओं और अन्य सदस्यों से विस्तार से पूछताछ की। साथ ही यह भी जानकारी जुटाई गई कि उस दौरान कोई बाहरी व्यक्ति घर के आसपास आया था या नहीं।

जिस गेंद से खेल रही थी अदिति, वह अब तक नहीं मिली

पुलिस ने उन बच्चों से भी पूछताछ की जो अदिति के साथ खेल रहे थे। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्ची को आखिरी बार कब और कहां देखा गया था। पुलिस को अब तक वह गेंद भी नहीं मिली है जिससे अदिति खेल रही थी।

नाली और आसपास के इलाकों की भी जांच

पुलिस ने घर के पास स्थित नाली की भी गहन जांच की। अधिकारियों ने यह समझने का प्रयास किया कि यदि बच्ची नाली में गिरी हो तो पानी का बहाव किस दिशा में था और वह कहां तक पहुंच सकती थी।

मोहल्ले के लोगों से भी दोबारा पूछताछ की गई। पुलिस ने यह जानने की कोशिश की कि किसी ने बच्ची को आखिरी बार कब देखा था या किसी संदिग्ध व्यक्ति को बच्ची के साथ जाते हुए देखा है या नहीं।

पूरे रांची में अलर्ट, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर बढ़ी निगरानी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है और किसी भी बिंदु को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। रांची के सभी थाना क्षेत्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

इसके अलावा शहर से बाहर जाने वाले मार्गों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि बच्ची को जल्द से जल्द खोजा जा सके।

करीबी लोगों और मजदूरों से भी पूछताछ

पुलिस अब बच्ची के करीबी लोगों और इलाके में नियमित रूप से आने-जाने वालों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि अदिति किसी परिचित व्यक्ति के साथ आसानी से जा सकती थी।

इलाके में काम कर रहे मजदूरों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर है। साथ ही तथाकथित “गुलगुलिया गिरोह” की संभावित संलिप्तता को लेकर भी जांच की जा रही है।

तकनीकी जांच और डॉग स्क्वायड की मदद

मामले की जांच में तकनीकी सेल की भी मदद ली जा रही है। घटना के समय इलाके में सक्रिय मोबाइल फोन नंबरों का डेटा खंगाला जा रहा है। डॉग स्क्वायड भी लगातार जांच में जुटा हुआ है।

NDRF को अब तक नहीं मिला कोई सुराग

एनडीआरएफ की टीम ने बुधवार को स्वर्णरेखा नदी के पास उन स्थानों पर जांच की, जहां नालों का पानी जाकर नदी में गिरता है। हालांकि पूरे इलाके में खोजबीन के बावजूद टीम को अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

17 CCTV फुटेज खंगाल चुकी है पुलिस

लापता बच्ची की तलाश में पुलिस अब तक करीब 17 स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर चुकी है। घर और आसपास लगे कैमरों की फुटेज को बारीकी से देखा जा रहा है।

हालांकि अभी तक किसी भी फुटेज में ऐसा दृश्य सामने नहीं आया है जिसमें कोई व्यक्ति बच्ची को ले जाते हुए दिखाई दे रहा हो।

नाले में मिले अवशेष की होगी फॉरेंसिक जांच

होटवार के गाड़ी गांव के पास मंगलवार को नाले से मिले अवशेष को शुरुआती जांच में जानवर की हड्डी बताया गया है। अब इसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट कुछ दिनों में पुलिस को सौंपी जा सकती है।

इसी तरह नाले में मिले मांस के नमूनों की भी फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।

लोगों से सहयोग की अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को बच्ची से जुड़ी कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। पूरे इलाके में बच्ची की सुरक्षित बरामदगी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।