झारखंड सरकार ने गैर-राज्य असैनिक सेवा (Non-SCS) के अधिकारियों के लिए एक बड़ी राहत और सुनहरा अवसर दिया है। चयन वर्ष 2025 के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल होने की प्रक्रिया के लिए आवेदन और अनुशंसा भेजने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है।

इस फैसले से उन अधिकारियों को राहत मिली है, जो समय की कमी के कारण आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें अपनी तैयारी और दस्तावेज़ पूरे करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।


क्या है नया अपडेट?

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार:

  • झारखंड कैडर में IAS के लिए 1 पद रिक्त है
  • यह पद चयन वर्ष 2025 के अंतर्गत भरा जाएगा
  • रिक्ति की अवधि 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक निर्धारित है

इस पद पर नियुक्ति Non-SCS अधिकारियों में से चयन प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।


बढ़ाई गई अंतिम तिथि से मिली राहत

पहले सरकार ने आवेदन और अनुशंसा भेजने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की थी।
लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दिया गया है।

इससे क्या फायदा होगा?

  • विभागों को दस्तावेज़ तैयार करने के लिए अधिक समय मिलेगा
  • पात्र अधिकारी बिना जल्दबाजी के आवेदन कर सकेंगे
  • चयन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और भागीदारी बढ़ेगी

किन अधिकारियों को मिलेगा मौका?

नई अधिसूचना के तहत:

  • राज्य के लगभग सभी विभागों के योग्य अधिकारी आवेदन कर सकते हैं
  • अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है

इन विभागों को रखा गया बाहर

हालांकि कुछ विभाग इस प्रक्रिया से बाहर रखे गए हैं:

  • वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
  • गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग

ध्यान दें: गृह विभाग का गृह प्रभाग इस प्रतिबंध में शामिल नहीं है।


Non-SCS कोटे से IAS बनना क्यों है खास?

Non-SCS कोटे से IAS में चयन अधिकारियों के लिए करियर का एक बड़ा अवसर माना जाता है।

इसके फायदे:

  • प्रशासनिक सेवा में उच्च पद और जिम्मेदारी
  • राज्य और देश स्तर पर नीति निर्माण में भूमिका
  • अनुभव का बेहतर उपयोग और करियर ग्रोथ

अधिकारियों में बढ़ा उत्साह

सरकार के इस फैसले के बाद अधिकारियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
कई अधिकारी लंबे समय से इस अवसर का इंतजार कर रहे थे और अब उन्हें अपनी दावेदारी पेश करने का मौका मिला है।


आगे क्या होगा?

अब संबंधित विभाग:

  • योग्य अधिकारियों की पहचान करेंगे
  • उनके नाम और दस्तावेज़ तैयार करेंगे
  • निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुशंसा भेजेंगे

माना जा रहा है कि समयसीमा बढ़ने से इस बार अधिक संख्या में अधिकारी चयन प्रक्रिया में भाग लेंगे, जिससे प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।