चेन्नई: Chennai की राजनीति में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अभिनेता से नेता बने C Joseph Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन पूर्ण बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से पीछे रह गई। इसी बीच शनिवार सुबह प्रस्तावित विजय के शपथ ग्रहण समारोह को अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे राज्य की राजनीति में सस्पेंस और बढ़ गया है।
जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में होना था समारोह
जानकारी के अनुसार, विजय का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को सुबह 11 बजे Jawaharlal Nehru Indoor Stadium में आयोजित होना था। लेकिन शनिवार सुबह अचानक कार्यक्रम रद्द होने की खबर सामने आई।
इस फैसले के बाद TVK समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है।
राज्यपाल से मिले विजय
सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से लोक भवन में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सरकार गठन का दावा पेश किया।
हालांकि, राज्यपाल द्वारा 118 विधायकों के समर्थन का प्रमाण मांगे जाने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। TVK और उसके समर्थकों ने इसे “संवैधानिक परंपरा के खिलाफ” बताया।
गठबंधन से मिला बहुमत का समर्थन
सरकार गठन के लिए TVK को वामदलों और सहयोगी पार्टियों का समर्थन मिला। Communist Party of India और Communist Party of India (Marxist) के दो-दो विधायक, जबकि Viduthalai Chiruthaigal Katchi के दो विधायकों ने समर्थन दिया।
इसके अलावा Indian National Congress के पांच विधायकों का समर्थन भी TVK को मिला, जिससे पार्टी बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई।
द्रविड़ राजनीति को बड़ा झटका
तमिलनाडु की राजनीति में पिछले छह दशकों से Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) का दबदबा रहा है। लेकिन इस चुनाव परिणाम ने राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को बड़ा झटका दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की पार्टी का उभार तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है।
राज्यभर में विरोध प्रदर्शन
शपथ ग्रहण समारोह रद्द होने और राज्यपाल के रुख के खिलाफ TVK समर्थकों ने कई जगहों पर प्रदर्शन किया। मदुरै समेत कई शहरों में समर्थकों ने विरोध मार्च निकाला और केंद्र सरकार पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
आगे क्या?
अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले फैसले पर टिकी हुई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जल्द ही सरकार गठन को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है।