रांची में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली विदेशी शराब के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान करीब 1000 पेटी अवैध विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अवैध शराब माफियाओं के बीच खलबली देखी जा रही है।
सहायक उत्पाद आयुक्त के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई रांची के सहायक उत्पाद आयुक्त उमा शंकर सिंह के निर्देश पर की गई। विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि शहर में बड़े पैमाने पर नकली विदेशी शराब की सप्लाई की जा रही है। इसी के आधार पर टीम ने रणनीति बनाकर एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की।
तीन थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश
उत्पाद विभाग की टीम ने नगड़ी, रातु और धुर्वा थाना क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली शराब बरामद की गई, जो देखने में बिल्कुल असली विदेशी ब्रांड जैसी लग रही थी।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
- करीब 1000 पेटी नकली विदेशी शराब
- एक कार और दो पिकअप वैन
- पैकेजिंग और सप्लाई से जुड़े कई सबूत
एक आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान राहुल नायक नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ जारी है और उम्मीद है कि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा हो सकता है।
दूसरे जिले से लाकर शहर में खपाने की तैयारी
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह नकली शराब दूसरे जिलों से रांची लाई जा रही थी और फिर शहर में बड़े पैमाने पर सप्लाई की योजना थी।
यह शराब खासकर त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान खपाने की तैयारी में थी, जिससे माफिया भारी मुनाफा कमाने की फिराक में थे।
लोगों की सेहत पर बड़ा खतरा
नकली शराब का कारोबार सिर्फ अवैध ही नहीं बल्कि बेहद खतरनाक भी होता है।
ऐसी शराब के सेवन से:
- गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं
- अंधापन
- यहां तक कि मौत तक हो सकती है
इसलिए प्रशासन लगातार इस तरह के नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई कर रहा है।
प्रशासन का सख्त संदेश
उत्पाद विभाग ने साफ कर दिया है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी कीमत पर ऐसे कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी?
अधिकारियों के मुताबिक,
“यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।”
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।