धनबाद: Dhanbad स्थित बीसीसीएल के ब्लॉक-दो क्षेत्र में कोयला चोरों और असामाजिक तत्वों के बढ़ते दुस्साहस के बाद अब प्रबंधन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अधिकारियों द्वारा सुरक्षा की मांग और सामूहिक ट्रांसफर की गुहार लगाए जाने के बाद बीसीसीएल मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लिया है।

लगातार मिल रही धमकियों, मारपीट और असुरक्षा के माहौल से परेशान अधिकारियों ने हाल ही में बीसीसीएल के सीएमडी को पत्र लिखकर तबादले की मांग की थी। अधिकारियों का कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों में जान जोखिम में डालकर काम करना बेहद मुश्किल हो गया है।

खबर के बाद हरकत में आया प्रबंधन

मामले के सामने आने के बाद बीसीसीएल मुख्यालय ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जीएम (सिक्योरिटी) हफीजुद्दीन कुरैशी खुद ब्लॉक-दो क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे और वहां की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

उन्होंने क्षेत्रीय महाप्रबंधक कुमार रंजीव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की। बैठक में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।

संवेदनशील इलाकों में तैनात होगी CISF QRT

बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि ब्लॉक-दो क्षेत्र के सभी संवेदनशील और डेंजर जोन में Central Industrial Security Force की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की जाएगी।

इसके अलावा सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बीसीसीएल प्रबंधन का मानना है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से कोयला चोरी और हिंसक घटनाओं पर लगाम लगाई जा सकेगी।

‘तबादला समाधान नहीं’

जीएम सिक्योरिटी हफीजुद्दीन कुरैशी ने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा प्रबंधन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से बिना डर के काम करने की अपील की।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि “तबादला समाधान नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत बनाया जाएगा कि अपराधी खुद पीछे हटने को मजबूर हो जाएं।”

कोयला चोरी पर सख्त रुख

बीसीसीएल प्रबंधन ने साफ संकेत दिए हैं कि अवैध कोयला कारोबार और कोयला चोरों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को किसी भी असामाजिक तत्व के दबाव में न आने और तुरंत प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।

बढ़ती घटनाओं से चिंतित हैं अधिकारी

बीते कुछ महीनों में ब्लॉक-दो क्षेत्र में कई बार ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ मारपीट और अभद्रता की घटनाएं सामने आई थीं। इससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया था और खनन कार्य भी प्रभावित होने लगा था।

अब प्रबंधन के नए सुरक्षा प्लान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि क्षेत्र में हालात सामान्य होंगे और अधिकारी बिना डर के अपने कार्य कर सकेंगे।