रांची (Ranchi): झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जिले के निजाम नगर इलाके में 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।


कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, युवक अचानक हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया। करंट का झटका इतना जबरदस्त था कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला।

  • युवक तार से बुरी तरह चिपक गया
  • शरीर गंभीर रूप से झुलस गया
  • मौके पर ही उसकी मौत हो गई

आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो चुका था।


😢 इलाके में मचा हड़कंप, परिवार में कोहराम

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना दी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बंद की गई।

मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दर्दनाक बात यह है कि युवक की शादी 25 अप्रैल को ही हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।


⚠️ बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

स्थानीय निवासियों ने इस घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।

लोगों का कहना है कि:

  • घनी आबादी वाले इलाके में तार काफी नीचे लटकी हुई है
  • कई बार विभाग को शिकायत दी गई
  • लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई

👉 ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण एक युवक की जान चली गई।


📢 लोगों में गुस्सा, उठी ये मांगें

घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई मांगें की हैं:

  • हाईटेंशन तार को सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाए
  • दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो
  • मृतक के परिवार को उचित मुआवजा मिले

लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम उठाया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था।


🔍 क्या ऐसे हादसे रुक पाएंगे?

यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक लापरवाही के कारण लोगों की जान जाती रहेगी?
शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।


📌 निष्कर्ष

रांची के निजाम नगर में हुआ यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।