असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रदर्शन की हो रही है, जिसने अपनी ‘एकला चलो’ रणनीति के जरिए सबको चौंका दिया है।

हालांकि JMM असम की मुख्य राजनीतिक ताकतों में शामिल नहीं मानी जाती, लेकिन इस चुनाव में पार्टी ने कई सीटों पर जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है।


🧭 JMM की ‘एकला चलो’ रणनीति क्या रही खास?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की रणनीति के तहत JMM ने इस बार किसी बड़े गठबंधन के बिना अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया।

शुरुआत में इस कदम को जोखिम भरा माना जा रहा था, लेकिन नतीजों के रुझानों ने दिखा दिया कि यह रणनीति कई जगहों पर असरदार साबित हुई है।

पार्टी ने:

  • नए क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई
  • आदिवासी और ग्रामीण वोटरों को साधने की कोशिश की
  • कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया

📊 मजबात सीट पर JMM का दमदार प्रदर्शन

इस चुनाव में सबसे ज्यादा ध्यान मजबात सीट पर गया, जहां JMM उम्मीदवार प्रीति रेखा बारला ने शानदार प्रदर्शन किया है।

  • प्रीति रेखा बारला को मिले: 26,252 वोट
  • वर्तमान स्थिति: दूसरे स्थान पर मजबूत पकड़

यह प्रदर्शन बताता है कि पार्टी ने इस क्षेत्र में मजबूत जनाधार तैयार कर लिया है।


⚡ डिगबोई सीट ने बढ़ाई JMM की उम्मीदें

डिगबोई सीट पर भी JMM ने सबको चौंकाया है। यहां से पार्टी के उम्मीदवार भारत नायक ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

  • भारत नायक को मिले: 6,433 वोट
  • स्थिति: दूसरे स्थान पर बने हुए

यह सीट JMM के लिए भविष्य की संभावनाओं का संकेत मानी जा रही है।


📍 अन्य सीटों पर भी मिला अच्छा समर्थन

JMM का प्रभाव केवल कुछ सीटों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी पार्टी को ठीक-ठाक समर्थन मिला है।

  • भेरगांव: प्रभात दास पानिका – 10,997 वोट
  • मारगेरिटा: जरनैल मिंज – 6,846 वोट
  • रंगापाड़ा: मैथ्यू टोपनो – 4,810 वोट
  • चबुआ: भूपेन सिंह मुरारी – 4,190 वोट
  • बरचला: अबुल माजन – 3,748 वोट
  • बिस्वनाथ: तेहारु गौर – 3,581 वोट
  • सोनारी: बलदेव तेली – 3,432 वोट
  • खुमटाई: अमित नाग – 3,039 वोट
  • नहरकटिया: संजय बाघ – 2,754 वोट
  • तिंगखोंग: महाबीर बास्के – 2,619 वोट
  • डुलियाजान: पीटर मिंज – 1,919 वोट

इन आंकड़ों से साफ है कि JMM ने कई इलाकों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।


📈 क्या कहते हैं राजनीतिक संकेत?

इन नतीजों से कुछ बड़े राजनीतिक संकेत सामने आ रहे हैं:

  • JMM असम में धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रही है
  • कई सीटों पर दूसरा स्थान हासिल करना बड़ी उपलब्धि है
  • आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पार्टी का प्रभाव बढ़ रहा है
  • भविष्य में वोट बैंक विस्तार की संभावना मजबूत हुई है

हालांकि अभी पार्टी जीत की स्थिति में नहीं है, लेकिन वोट प्रतिशत और प्रदर्शन भविष्य की राजनीति के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है।


🧠 आगे क्या हो सकता है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर JMM इसी तरह जमीनी स्तर पर काम करती रही, तो आने वाले चुनावों में असम की राजनीति में उसका रोल और बड़ा हो सकता है।

‘एकला चलो’ रणनीति ने यह साबित कर दिया है कि सही योजना और संगठन के साथ छोटी पार्टियां भी बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं।


🔚 निष्कर्ष

असम विधानसभा चुनाव 2026 में JMM का प्रदर्शन भले ही सत्ता तक न पहुंचा हो, लेकिन इसने राजनीतिक हलकों में अपनी मौजूदगी का मजबूत संकेत जरूर दे दिया है। मजबात और डिगबोई जैसी सीटों पर मिला समर्थन यह दिखाता है कि पार्टी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।