देश के पांच बड़े राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी—में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच सबसे ज्यादा नजरें मुख्यमंत्रियों की सीटों पर टिकी हैं। इस बार कई बड़े चेहरे अपनी-अपनी सीटों पर कड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं।


🌾 पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी की सीट पर कांटे की टक्कर

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट पर Mamata Banerjee और बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

👉 राज्य के रुझानों की बात करें तो:

  • BJP – 170 सीटों पर आगे
  • TMC – 109 सीटों पर आगे
  • लेफ्ट – 2 सीट
  • कांग्रेस – 0

कई मंत्री भी पीछे चल रहे हैं, जिससे TMC के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण बन गया है।


🏛️ तमिलनाडु: एमके स्टालिन पीछे

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री M. K. Stalin अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट से पीछे चल रहे हैं।

👉 रुझानों में स्थिति:

  • TVK – 84 सीटों पर आगे
  • AIADMK – 74 सीट
  • DMK – 56 सीट

कोलाथुर को स्टालिन का गढ़ माना जाता है, ऐसे में उनका पीछे होना बड़ा संकेत माना जा रहा है।


🌴 केरल: पिनाराई विजयन को झटका

केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan धर्मडम सीट से पीछे चल रहे हैं।

👉 राज्य के रुझान:

  • UDF – 88 सीटों पर आगे
  • LDF – 46 सीट

10 साल से सत्ता में रही LDF के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है।


🏝️ पुडुचेरी: रंगास्वामी आगे

पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस के नेता N. Rangaswamy अपनी सीट से आगे चल रहे हैं।

👉 यहां NDA गठबंधन 30 में से 16 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे सरकार बनने के संकेत मिल रहे हैं।


📊 असम: हिमंता बिस्वा सरमा की मजबूत बढ़त

असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma जालुकबारी सीट से बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं।

👉 राज्य के रुझान:

  • BJP गठबंधन – 92 सीट
  • कांग्रेस गठबंधन – 25 सीट
  • AIUDF – 1 सीट

असम में BJP लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर बढ़ती दिख रही है।


🤔 क्या कहते हैं ये रुझान?

इन शुरुआती रुझानों से साफ है कि:

  • कुछ राज्यों में मुख्यमंत्रियों को कड़ी चुनौती मिल रही है
  • कुछ जगहों पर सत्ता में वापसी के संकेत हैं
  • क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प बना हुआ है

📢 निष्कर्ष

Election Results 2026 में 5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की स्थिति अलग-अलग नजर आ रही है। जहां असम और पुडुचेरी में स्थिति मजबूत है, वहीं बंगाल, तमिलनाडु और केरल में मुकाबला कड़ा हो गया है। आने वाले राउंड्स में यह साफ होगा कि कौन अपनी सीट बचा पाता है और किसे हार का सामना करना पड़ता है।